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राज्य सरकार ने जुलाई माह में करुणामूलक रोजगार नीति के तहत 94 ग्रुप-सी कर्मचारियों को दी नियुक्ति

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

राज्य सरकार ने जुलाई 2026 के दौरान करुणामूलक रोजगार नीति के अंतर्गत 94 ग्रुप-सी पदों पर नियुक्तियां देकर पात्र परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया है। सरकार ने साथ ही पहले अस्वीकृत मामलों की समीक्षा करने और पात्र मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

शिमला

94 ग्रुप-सी पदों पर हुई नियुक्तियां

हिमाचल प्रदेश सरकार ने दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के आश्रितों को समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में करुणामूलक रोजगार नीति के तहत जुलाई 2026 के दौरान 94 ग्रुप-सी कर्मचारियों को नियुक्ति प्रदान की है। ये नियुक्तियां निदेशालय भर्ती, हिमाचल प्रदेश के माध्यम से विभिन्न विभागों में की गई हैं। नियुक्ति प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को जल शक्ति, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, गृह तथा बागवानी विभागों में तैनाती दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि करुणामूलक रोजगार नीति का उद्देश्य दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को आर्थिक सहारा प्रदान करना तथा परिवारों की आजीविका को स्थिर बनाए रखना है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि करुणामूलक नियुक्ति से जुड़े वास्तविक एवं पात्र मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निदेशालय भर्ती को भेजा जाए, ताकि आवेदन प्रक्रिया, सत्यापन और नियुक्ति की औपचारिकताएं बिना अनावश्यक विलंब के पूरी की जा सकें।

सरकार ने लंबित और अस्वीकृत मामलों की समीक्षा के दिए निर्देश

राज्य सरकार ने करुणामूलक नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया है। सरकार के अनुसार विभिन्न विभागों को लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर पात्र मामलों को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि पूर्व में विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति मामलों की एकमुश्त विशेष पहल के तहत दोबारा जांच की जाएगी। यदि समीक्षा के दौरान कोई मामला वास्तविक एवं पात्र पाया जाता है, तो करुणामूलक रोजगार नीति के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक छूट प्रदान करने पर भी विचार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य पात्र परिवारों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से रोजगार उपलब्ध कराना है।

लाभार्थियों ने साझा किए अपने अनुभव

ऊना जिले के कुठेड़ा खैरला निवासी अक्षय कुमार ने बताया कि उनके पिता सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2018 में उनके निधन के बाद उन्होंने उसी वर्ष करुणामूलक नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उनका मामला वर्ष 2018 से 2022 तक लंबित रहा। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रक्रिया के दौरान फरवरी 2026 में चयन की सूचना मिली, मार्च 2026 में टाइपिंग परीक्षा आयोजित हुई और जुलाई 2026 में नियुक्ति पत्र प्राप्त हुआ। शिमला जिले के कोटखाई की शालू चौहान ने बताया कि उनके पिता जल शक्ति विभाग में पंप ऑपरेटर थे और वर्ष 2013 में उनके निधन के बाद उन्होंने करुणामूलक नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। उन्होंने मार्च 2026 में टाइपिंग परीक्षा दी और जुलाई 2026 में नियुक्ति पत्र प्राप्त किया। कांगड़ा जिले के बैजनाथ की आकांक्षा कपूर ने बताया कि उनके पिता हाइड्रोलॉजी विभाग में वरिष्ठ सहायक थे और वर्ष 2019 में उनके निधन के बाद उनका आवेदन लंबित था, जिसे वर्तमान प्रक्रिया में पूरा करते हुए जुलाई 2026 में नियुक्ति दी गई। सिरमौर जिले के नाहन निवासी लोकेश चौहान को भी जल शक्ति विभाग में कार्यरत अपने पिता के निधन के बाद करुणामूलक आधार पर रोजगार मिला। वहीं, हमीरपुर जिले की शिवानी कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के पद पर नियुक्ति दी गई। उनके पति स्वास्थ्य विभाग में डेंटल मैकेनिक के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2023 में उनका निधन हो गया था।

सरकार ने दोहराई समयबद्ध कार्रवाई की प्रतिबद्धता

राज्य सरकार ने कहा है कि करुणामूलक रोजगार नीति के तहत सभी पात्र मामलों का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिवंगत सरकारी कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को रोजगार के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े और सभी मामलों का निष्पक्ष, पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से समाधान हो। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि भविष्य में लंबित मामलों की संख्या कम हो और पात्र परिवारों तक योजना का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच सके।