हिमाचल कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा के आरोपों पर दिया जवाब, आर्थिक सहायता और चुनावी दावों पर रखी बात
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने भाजपा के विभिन्न आरोपों पर पार्टी का पक्ष रखते हुए चुनाव परिणाम, राज्य की आर्थिक स्थिति और केंद्र से वित्तीय सहायता से जुड़े मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने गांधी परिवार से जुड़े संस्थानों के नामकरण, ओपीएस और प्रदेश सरकार की वित्तीय जिम्मेदारियों पर भी कांग्रेस का दृष्टिकोण रखा।
शिमला
भाजपा के बयानों पर कांग्रेस का पक्ष
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ नेताओं के प्रति मर्यादित भाषा का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गांधी परिवार ने देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है और इसी संदर्भ में विभिन्न संस्थानों के नामकरण से जुड़े निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने इस विषय पर भाजपा की आलोचनाओं से असहमति जताई।
चुनावी परिणामों को लेकर रखी प्रतिक्रिया
विनय कुमार ने कहा कि हाल ही में हुए नगर निकाय और ग्राम पंचायत चुनावों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को कई स्थानों पर सफलता मिली है। उनके अनुसार इन चुनाव परिणामों को प्रदेश सरकार के खिलाफ जनादेश के रूप में प्रस्तुत करना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा उपचुनावों के परिणामों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस आगामी चुनावों में भी बेहतर प्रदर्शन का दावा कर रही है।
केंद्र से आर्थिक सहायता पर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य सरकार का मत है कि केंद्र सरकार से अपेक्षित विशेष आर्थिक सहायता अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्राकृतिक आपदा राहत के लिए अपेक्षित 1,500 करोड़ रुपये की राशि अब तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों की लंबित देनदारियों के भुगतान और पुरानी पेंशन योजना (OPS) के क्रियान्वयन सहित विभिन्न वित्तीय दायित्वों का निर्वहन कर रही है।
प्रदेश की वित्तीय स्थिति पर कांग्रेस का दावा
विनय कुमार ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान वित्तीय स्थिति के लिए पूर्व भाजपा सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य पर 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज और 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक की कर्मचारियों से संबंधित देनदारियां पूर्व सरकार के कार्यकाल से जुड़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी (RDG) बंद किए जाने से प्रदेश के वित्तीय संसाधनों पर प्रभाव पड़ा है। ये सभी बयान कांग्रेस की ओर से प्रस्तुत राजनीतिक प्रतिक्रिया के रूप में सामने आए हैं।