प्रदेश में 45 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता जांच में फेल, सीडीएससीओ ने जारी किया जून 2026 ड्रग अलर्ट
हिमाचल प्रदेश की विभिन्न दवा निर्माण इकाइयों में निर्मित 45 दवाओं के सैंपल जून 2026 की गुणवत्ता जांच में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं। सीडीएससीओ की रिपोर्ट के बाद संबंधित कंपनियों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
सोलन
जून 2026 ड्रग अलर्ट में सामने आए गुणवत्ता जांच के परिणाम
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) द्वारा जारी जून 2026 ड्रग अलर्ट के अनुसार देशभर में कुल 159 दवा एवं कॉस्मेटिक नमूने गुणवत्ता परीक्षण में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 132 नमूनों की जांच राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं तथा 27 नमूनों की जांच केंद्रीय प्रयोगशालाओं में की गई। इन फेल नमूनों में हिमाचल प्रदेश की दवा निर्माण इकाइयों में तैयार की गई 45 दवाओं के सैंपल भी शामिल हैं, जिनकी गुणवत्ता विभिन्न तकनीकी मानकों के आधार पर जांची गई।
इन औद्योगिक क्षेत्रों की दवा इकाइयों के सैंपल शामिल
रिपोर्ट के अनुसार बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, झाड़माजरी, भुड, दवनी, गुल्लरवाला, कालाअंब, पांवटा साहिब, परवाणू, सोलन और कांगड़ा स्थित दवा निर्माण इकाइयों के कुछ बैच गुणवत्ता परीक्षण में सफल नहीं हो सके। इनमें एंटीबायोटिक दवाएं, बच्चों के सिरप, खांसी की दवाएं, दर्द एवं बुखार की दवाएं, हृदय रोग संबंधी दवाएं, पेट की दवाएं, आंखों की दवाएं, इंजेक्शन और विटामिन उत्पाद शामिल हैं। जांच के दौरान डिसॉल्यूशन, कंटेंट, एस्से, स्टेरिलिटी, पीएच, पार्टिकुलेट मैटर और सक्रिय औषधीय तत्व (एपीआई) की निर्धारित मात्रा जैसे गुणवत्ता मानकों का परीक्षण किया गया।
कंपनियों को नोटिस, नियमानुसार होगी आगे की कार्रवाई
ड्रग अलर्ट जारी होने के बाद संबंधित बैचों की गुणवत्ता और नियामकीय प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि जिन दवा कंपनियों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण में फेल पाए गए हैं, उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नियमानुसार संबंधित बैचों की समीक्षा, आवश्यक जांच और आगे की प्रक्रिया निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पूरी की जाएगी।