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हिमाचल कर्मचारियों के लंबित डीए और एरियर भुगतान पर चर्चा, 200 वन रक्षकों की भर्ती की तैयारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते और वेतन आयोग के एरियर से जुड़े मामलों को उठाया। बैठक के दौरान सरकार ने लंबित एरियर भुगतान प्रक्रिया और वन विभाग में 200 वन रक्षकों की भर्ती को लेकर जानकारी साझा की।

शिमला

कर्मचारी महासंघ ने उठाए लंबित वित्तीय लाभों के मुद्दे

हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर के नेतृत्व में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से ओकओवर शिमला में मुलाकात की। बैठक में कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते (डीए), वेतन आयोग के बकाया एरियर, सेवा शर्तों तथा अन्य प्रशासनिक मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। महासंघ ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारी लंबे समय से लंबित वित्तीय लाभों के भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से डीए और एरियर के भुगतान संबंधी प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का आग्रह किया। बैठक में कर्मचारियों से जुड़े अन्य विभागीय मामलों और लंबित मांगों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

सरकार ने एरियर भुगतान पर दी जानकारी

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए चरणबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के एरियर तथा 70 वर्ष से अधिक आयु के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया एरियर का भुगतान पहले ही किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त अन्य पात्र कर्मचारियों के एरियर भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के दौरान कर्मचारियों के वित्तीय लाभों, सेवा मामलों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा की गई।

वन विभाग में भर्ती संबंधी विषय भी उठा

बैठक के दौरान वन विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधियों ने वन रक्षक पदों से संबंधित मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। प्रतिनिधियों ने वन रक्षकों के लगभग 500 पदों को समाप्त करने संबंधी अधिसूचना को वापस लेने की मांग की और विभाग में रिक्त पदों को भरने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि वन क्षेत्रों की निगरानी, संरक्षण गतिविधियों और विभागीय कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए पर्याप्त संख्या में वन रक्षकों की उपलब्धता आवश्यक है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन रक्षक कैडर में किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी और विभागीय आवश्यकताओं के अनुसार भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

200 वन रक्षकों की भर्ती की तैयारी

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि वन विभाग में लगभग 200 वन रक्षकों की भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया विभागीय जरूरतों, रिक्त पदों की स्थिति और प्रशासनिक स्वीकृतियों के आधार पर आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार का उद्देश्य विभाग में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराना है ताकि वन संरक्षण, निगरानी और क्षेत्रीय कार्यों का संचालन प्रभावी ढंग से किया जा सके। भर्ती से संबंधित औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पदों को भरने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

महासंघ ने बैठक पर प्रतिक्रिया दी

प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने बैठक के बाद कहा कि महासंघ कर्मचारियों से जुड़े विषयों को नियमित रूप से सरकार के समक्ष उठाता रहेगा। उन्होंने बताया कि बैठक में लंबित डीए, वेतन आयोग के एरियर, सेवा संबंधी मामलों और विभागीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। महासंघ ने कहा कि कर्मचारियों के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के समाधान के लिए सरकार के साथ संवाद जारी रहेगा। बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विभागों से जुड़े मुद्दे प्रस्तुत किए, जिन पर सरकार ने नियमानुसार विचार करने का आश्वासन दिया।