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हिमाचल में सरकारी अस्पतालों में नहीं एक भी नशा मुक्ति केंद्र, राज्यसभा में खुलासा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 4 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या के बीच राज्यसभा में केंद्र सरकार ने बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की किसी भी योजना के तहत प्रदेश में फिलहाल एक भी सरकारी अस्पताल आधारित नशा मुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। प्रदेश सरकार की ओर से नया नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार को कोई प्रस्ताव भी नहीं भेजा गया है।

शिमला

हिमाचल प्रदेश में बढ़ती नशे की समस्या के बीच राज्यसभा में एक अहम जानकारी सामने आई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन द्वारा पूछे गए प्रश्न के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की किसी भी योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में फिलहाल एक भी सरकारी अस्पताल आधारित नशा मुक्ति केंद्र संचालित नहीं है। साथ ही प्रदेश सरकार की ओर से नया नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार को कोई प्रस्ताव भी नहीं भेजा गया है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में लिखित उत्तर देते हुए यह जानकारी दी। इसके बाद हर्ष महाजन ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में नशे की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है, लेकिन सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
महाजन ने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से राज्यों को सहयोग देने के लिए तैयार है, लेकिन हिमाचल सरकार ने प्रस्ताव तक नहीं भेजा। इससे साफ है कि प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य और नशा मुक्ति जैसी गंभीर चुनौती को लेकर गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रस्ताव भेजे जाते तो प्रदेश के विभिन्न जिलों के सरकारी अस्पतालों में आधुनिक नशा मुक्ति केंद्र स्थापित किए जा सकते थे, जिससे हजारों युवाओं और उनके परिवारों को लाभ मिलता।राज्यसभा में दिए गए जवाब के अनुसार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPDDR) के तहत हिमाचल में कुछ संस्थानों को वित्तीय सहायता जरूर दी गई है। इसके तहत कुल्लू के क्षेत्रीय अस्पताल को वर्ष 2023-24 में 41.79 लाख रुपये, वर्ष 2024-25 में 35.32 लाख रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 35.11 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई। वहीं किन्नौर के क्षेत्रीय अस्पताल को वर्ष 2024-25 में 17.64 लाख रुपये और एम्स बिलासपुर में सुविधा स्थापित करने के लिए वर्ष 2025-26 में 9.87 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

हर्ष महाजन ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि वह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर उठकर युवाओं के हित में तत्काल केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे, ताकि हिमाचल में नशा मुक्ति केंद्रों का विस्तार हो सके। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।