Himachal Government: कांगड़ा में 45 इलेक्ट्रिक बसें संचालित, प्रति किलोमीटर खर्च घटकर 11-12 रुपये
Himachal Government: कांगड़ा जिले में 45 इलेक्ट्रिक बसें विभिन्न रूटों पर यात्रियों को सेवाएं दे रही हैं। एचआरटीसी के अनुसार, इन बसों का परिचालन खर्च लगभग 11-12 रुपये प्रति किलोमीटर है, जबकि डीजल बसों पर करीब 25-26 रुपये खर्च होते हैं। कम शोर, आरामदायक यात्रा और कम प्रदूषण के कारण इन बसों के प्रति यात्रियों का रुझान भी बढ़ रहा है।
धर्मशाला
एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक इंजीनियर पंकज चड्ढा ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों में सीसीटीवी की सुविधा उपलब्ध है। इनका संचालन कम शोर के साथ होता है और दोनों दरवाजे पूरी तरह बंद होने के बाद ही बस चलती है। जिन रूटों पर ये बसें संचालित हो रही हैं, वहां यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अंतरराज्यीय रूटों पर इनका संचालन पर्यटकों के लिए भी सुविधाजनक बताया गया है।
चार्जिंग स्टेशनों पर 6.35 करोड़ रुपये खर्च
कांगड़ा जिले के धर्मशाला, नगरोटा बगवां, देहरा, पालमपुर, पठानकोट, बैजनाथ, जसूर और कांगड़ा में करीब 6.35 करोड़ रुपये की लागत से ई-चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं। जयसिंहपुर और शाहपुर में करीब 1.26 करोड़ रुपये की लागत से नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। फास्ट चार्जिंग सुविधा के माध्यम से बसों को कम समय में चार्ज कर अलग-अलग रूटों पर भेजा जा रहा है।
चालकों को विशेष प्रशिक्षण, रूट शुरू करने से पहले सर्वेक्षण
इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चालकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। रूट योजना इस तरह तैयार की जा रही है कि एक बस करीब 170 से 250 किलोमीटर तक प्रभावी रूप से संचालित हो सके। नए रूट शुरू करने से पहले सर्वेक्षण भी करवाया जा रहा है। बसों के संचालन और रखरखाव के लिए संबंधित कंपनी के साथ 12 वर्ष का अनुबंध किया गया है, ताकि तकनीकी सेवाएं और रखरखाव लंबे समय तक सुनिश्चित रह सके।
मंडलीय प्रबंधक ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में हिमाचल को मॉडल राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक परिवहन के विस्तार से प्रदेश में स्वच्छ, हरित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को गति मिलने की उम्मीद है।