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कर्मचारी वरिष्ठता मामले में हिमाचल सरकार की एसएलपी सुप्रीम कोर्ट से खारिज, हाईकोर्ट का फैसला बरकरार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश सरकार को कर्मचारी वरिष्ठता और वित्तीय लाभ से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) खारिज कर दी है। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट का पूर्व फैसला बरकरार रहेगा, जिससे संबंधित कर्मचारियों को वरिष्ठता और वित्तीय लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

शिमला

यह मामला कर्मचारियों की वरिष्ठता और उससे जुड़े वित्तीय लाभों को लेकर लंबे समय से न्यायालय में विचाराधीन था। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अपने फैसले में संबंधित कर्मचारियों के पक्ष में राहत प्रदान की थी। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए एसएलपी खारिज कर दी।

हाईकोर्ट के आदेश पर आगे होगी कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी रहेगा। इसके चलते संबंधित कर्मचारियों को वरिष्ठता और उससे जुड़े वित्तीय लाभ प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राज्य सरकार और संबंधित विभागों को न्यायालय के निर्देशों तथा सेवा नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से भी सरकार को राहत नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती एवं सेवा शर्तें कानून को लेकर सरकार की नीति कर्मचारियों के हितों के अनुरूप नहीं थी। साथ ही उन्होंने सरकार के अन्य फैसलों को लेकर भी सवाल उठाए और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 का स्वागत किया।

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