Himachal Government: पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता से ऋण दें बैंक, उपायुक्त मनमोहन शर्मा के निर्देश
Himachal Government: सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने बैंकों को डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना के पात्र विद्यार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थी धन के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित न रहें। उपायुक्त यूको बैंक की ओर से आयोजित जिला सलाहकार समिति की 183वीं त्रैमासिक एवं जिला स्तरीय समीक्षा तथा यूको आरसेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
सोलन
मनमोहन शर्मा ने कहा कि व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर आर्थिकी को सुदृढ़ करने में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बैंक प्रतिनिधियों से जिले के लोगों तक वित्तीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए प्रभावी प्रचार सुनिश्चित करने को कहा। इसके साथ ही जन-धन खातों में आधार और मोबाइल सीडिंग निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लक्षित वर्गों को समय पर ऋण प्रदान करने से उनकी आर्थिकी मजबूत करने में सहायता मिलती है।
एक प्रतिशत ब्याज पर 20 लाख रुपये तक ऋण
बैठक में बताया गया कि डॉ. यशवंत सिंह परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम 20 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण देने का प्रावधान है। यह ऋण इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, पैरा-मेडिकल, फार्मेसी, नर्सिंग और विधि सहित व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा के डिप्लोमा और डिग्री पाठ्यक्रमों के लिए उपलब्ध है। औद्योगिक एवं बहुतकनीकी संस्थानों के तकनीकी पाठ्यक्रमों तथा मान्यता प्राप्त संस्थानों और विश्वविद्यालयों से पीएचडी करने वाले पात्र विद्यार्थी भी योजना में शामिल हैं।
उपायुक्त ने कृषि और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को किसानों को फसल तथा पशु बीमा करवाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम स्तर पर लघु प्रसंस्करण संयंत्र स्थापित करने की संभावनाएं तलाशने को भी कहा, ताकि किसानों की आर्थिकी मजबूत हो सके। ग्रामीण बैंक शाखाओं में कार्यरत बैंकिंग प्रतिनिधियों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी पंचायत स्तर पर प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए, जिससे ग्रामीणों की बैंक संबंधी समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके।
लंबित ऋण आवेदनों के शीघ्र निपटारे के निर्देश
मनमोहन शर्मा ने जिले में कार्यरत बैंकों को लंबित ऋण मामलों का शीघ्र निपटारा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित करने के लिए प्राप्त आवेदनों पर पात्रता के अनुसार जल्द कार्रवाई की जाए, ताकि युवा उद्यमी समय पर अपना व्यवसाय शुरू कर सकें। संबंधित विभागों को ऋण मामलों के अविलंब निपटारे के लिए बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया। यूको आरसेटी को कृषि व्यवसाय से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश भी दिए गए।
उपायुक्त ने यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान को युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने वाले कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। संस्थान को विभागों के साथ समन्वय बनाकर पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण शिविर और किसान क्रेडिट कार्ड मेले आयोजित करने के निर्देश दिए गए। यूको आरसेटी की निदेशक मीनू बारिया ने बताया कि पिछली तिमाही में सात प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से 201 पात्र लाभार्थियों को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया गया।
मुद्रा योजना में 124.49 करोड़ रुपये स्वीकृत
यूको बैंक की प्रबंधक तमन्ना मोदगिल ने बताया कि 30 जून, 2026 तक जिले में प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से 2,63,557, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से 98,869 और अटल पेंशन योजना से 70,998 लाभार्थी जोड़े जा चुके हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत शिशु श्रेणी के 425, किशोर के 2,866, तरुण के 1,359 और तरुण प्लस के 72 लाभार्थियों सहित कुल 4,722 लोगों को 124 करोड़ 49 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार मिशन के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 तक विभिन्न बैंकों में पंजीकृत 1,210 स्वयं सहायता समूहों को 24 करोड़ 26 लाख रुपये का ऋण दिया जा चुका है। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी बैंक जिला अधिकारी राहुल जोशी, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक अशोक चौहान, विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बैंकों के प्रबंधक और प्रतिनिधि उपस्थित रहे।