पालमपुर में मरीज की मौत पर विपिन सिंह परमार ने सरकार को घेरा, हिमकेयर लाभ न मिलने का आरोप
पालमपुर में कथित तौर पर धन और समय पर इलाज के अभाव में एक मरीज की मौत के बाद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं सुलह विधायक विपिन सिंह परमार ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। शिमला में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि हिमकेयर योजना का लाभ नहीं मिलने के कारण जरूरतमंद मरीजों को उपचार में परेशानी हो रही है। उन्होंने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए इस मामले के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
कांगड़ा/पालमपुर
विपिन सिंह परमार ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर और सहारा योजनाएं जरूरतमंद लोगों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से शुरू की गई थीं। उनके अनुसार, हिमकेयर के माध्यम से मरीजों को सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इन योजनाओं को प्रभावी रूप से ठप कर दिया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को उपचार करवाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने दावा किया कि इस विषय को विधानसभा से लेकर सार्वजनिक मंचों तक उठाया गया, लेकिन सरकार ने आवश्यक कदम नहीं उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य क्षेत्र में उच्चस्तरीय सुविधाएं देने संबंधी दावों पर भी सवाल उठाए। परमार के अनुसार, पालमपुर के मरीज को यदि हिमकेयर कार्ड के माध्यम से निजी अस्पताल में समय पर उपचार मिलता तो उसकी जान बचने की संभावना हो सकती थी। उन्होंने इस घटना को सरकार की कथित लापरवाही का परिणाम बताया।
सहारा योजना को लेकर भी लगाए आरोप
विपिन सिंह परमार ने कहा कि हिमकेयर का लाभ न मिलना केवल एक मरीज तक सीमित समस्या नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई लोग इस योजना से संबंधित परेशानियों का सामना कर रहे हैं। परमार ने सहारा योजना का लाभ बंद होने का आरोप लगाते हुए कहा कि सैकड़ों लोगों ने उनसे इसकी शिकायत की है। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि कुछ जीवित लाभार्थियों को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दिखाया गया, जिसके कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका।
परमार ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में लोकप्रिय हुई जनहित योजनाओं को राजनीतिक कारणों से रोका जा रहा है और इसका असर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों के जीवन और उपचार से जुड़े मामलों में सरकार को गंभीरता दिखानी चाहिए। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर हिमकेयर योजना को दोबारा पूरी प्रतिबद्धता के साथ शुरू किया जाएगा, ताकि आर्थिक अभाव के कारण किसी जरूरतमंद का उपचार न रुके।