शिमला, 26 फरवरी 2025।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की है कि फिलहाल मेडिकल कॉलेजों का स्टेट कैडर नहीं बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज कैडर के विलय के संबंध में यथास्थिति बनी रहेगी।
क्या है मामला?
- शीतकालीन सत्र में धर्मशाला में हुई कैबिनेट बैठक में मेडिकल कॉलेजों को स्टेट कैडर में शामिल करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई थी।
- अभी तक मेडिकल कॉलेजों का अलग कैडर है, जिससे डॉक्टरों के तबादले नहीं होते हैं।
- स्टेट कैडर बनने पर डॉक्टरों का ट्रांसफर संभव हो जाता, लेकिन अब सरकार ने इस फैसले को स्थगित कर दिया है।
- मुख्यमंत्री ने यह आश्वासन प्रदेश चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान दिया।
सीएम सुक्खू का बयान
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों को मजबूत करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।
- सभी मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें।
- आईजीएमसी शिमला में PET स्कैन मशीन लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
- शिमला कैंसर अस्पताल में सुविधाओं को बढ़ाने की भी समीक्षा की गई है।
- स्टेट कैडर के फैसले पर अभी और विचार किया जाएगा और इसे दोबारा कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा।
डॉक्टरों की क्या मांगें हैं?
- प्रदेश चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. बलवीर वर्मा और महासचिव डॉ. पीयूष कपिला ने कहा कि उन्होंने डॉक्टरों की अन्य मांगें भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी हैं।
सरकार की रणनीति
सरकार मेडिकल कॉलेजों में बदलाव लाने की योजना बना रही है, लेकिन डॉक्टरों की चिंताओं को देखते हुए स्टेट कैडर का फैसला फिलहाल रोक दिया गया है।
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