हिमाचल में आदर्श आचार संहिता समाप्त, प्रशासनिक और विकास कार्यों पर प्रतिबंध हटे
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता समाप्त करने की अधिसूचना जारी की है। आयोग के निर्णय के बाद प्रशासनिक प्रक्रियाओं, सरकारी योजनाओं और अन्य कार्यों पर लागू चुनाव संबंधी प्रतिबंध प्रभावी नहीं रहेंगे।
शिमला
राज्य चुनाव आयोग ने जारी की अधिसूचना
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के चुनावों की प्रक्रिया लगभग पूरी होने के बाद राज्य चुनाव आयोग ने प्रदेशभर में लागू आदर्श आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की अधिसूचना जारी कर दी है। सोमवार को जारी इस अधिसूचना के साथ ही चुनाव अवधि के दौरान लागू विभिन्न प्रशासनिक प्रतिबंध समाप्त हो गए हैं। आयोग के इस निर्णय के बाद राज्य सरकार और विभिन्न विभाग अब नियमित प्रशासनिक कार्यों, विकास योजनाओं तथा अन्य सरकारी प्रक्रियाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार आगे बढ़ा सकेंगे।
मतदान और परिणाम प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया गया निर्णय
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल कुमार खाची ने बताया कि पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों के मद्देनजर 21 अप्रैल और 27 अप्रैल को जारी अलग-अलग अधिसूचनाओं के माध्यम से पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू की गई थी। चुनाव कार्यक्रम के तहत मतदान प्रक्रिया सम्पन्न होने तथा अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा घोषित किए जाने के बाद आयोग ने आचार संहिता हटाने का निर्णय लिया है। आयोग के अनुसार चुनाव प्रक्रिया के आवश्यक चरण पूरे होने के बाद अब सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था बहाल कर दी गई है।
विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों पर नहीं रहेंगे प्रतिबंध
अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में विकास परियोजनाओं, सरकारी योजनाओं, प्रशासनिक निर्णयों और विभागीय कार्यों पर चुनाव आचार संहिता से जुड़े प्रतिबंध लागू नहीं रहेंगे। चुनाव अवधि के दौरान जिन योजनाओं, परियोजनाओं और प्रस्तावों पर निर्णय लेने या उन्हें आगे बढ़ाने में सीमाएं थीं, अब उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी। विभिन्न विभागों में लंबित फाइलों, स्वीकृतियों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी आगे बढ़ाने का मार्ग खुल गया है।
नियुक्तियों, तबादलों और लंबित मामलों पर हो सकेगी कार्रवाई
आचार संहिता समाप्त होने के बाद विभागीय स्तर पर लंबित प्रस्तावों, नियुक्तियों, तबादलों तथा अन्य प्रशासनिक मामलों पर नियमों के अनुरूप निर्णय लिए जा सकेंगे। इसके अलावा विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए विकास और वित्तीय प्रस्तावों पर भी विचार किया जा सकेगा। राज्य सरकार की आगामी बैठकों, जिनमें 6 जून को प्रस्तावित मंत्रिमंडल बैठक भी शामिल है, में विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। हालांकि सभी निर्णय संबंधित नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के तहत ही लिए जाएंगे।
संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजी गई अधिसूचना
राज्य चुनाव आयोग के सचिव सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि आदर्श आचार संहिता समाप्त करने संबंधी अधिसूचना की प्रतियां राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिवों, पुलिस विभाग, सभी उपायुक्तों, जिला पंचायत अधिकारियों तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को अधिसूचना के अनुरूप आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं।