हिमाचल में आज से पंचायती राज चुनावों के नामांकन शुरू, 15 मई तक साफ होगी चुनावी तस्वीर
Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के लिए नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 7, 8 और 11 मई को नामांकन दाखिल किए जाएंगे, जबकि मतदान 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में होगा।
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आज से शुरू होगी नामांकन प्रक्रिया
हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों को लेकर नामांकन प्रक्रिया वीरवार से शुरू हो रही है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार उम्मीदवार 7, 8 और 11 मई को अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। पंचायत प्रधान और पंचायत सदस्य पंचायत कार्यालय में सहायक निर्वाचन अधिकारी के पास नामांकन जमा करेंगे। वहीं पंचायत समिति सदस्य तहसीलदार कार्यालय में तथा जिला परिषद सदस्य एसडीएम कार्यालय में नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। जिला निर्वाचन कार्यालयों में नामांकन प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
12 मई को होगी स्क्रूटनी, 15 को मिलेंगे चुनाव चिह्न
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 14 और 15 मई को अपने नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 15 मई को शेष उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभिन्न पंचायतों और जिला परिषद क्षेत्रों में चुनावी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। उम्मीदवार सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे।
तीन चरणों में होगा मतदान
प्रदेश में पंचायती राज चुनावों के लिए मतदान 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में कराया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया को देखते हुए प्रशासन, पुलिस और चुनाव कर्मियों की तैनाती की योजना तैयार की जा रही है। चुनाव संपन्न होने के बाद पंचायत प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के परिणाम संबंधित क्षेत्रों में घोषित किए जाएंगे। राज्य में इस बार कुल 31182 पदों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। इनमें पंचायत सदस्य, पंचायत प्रधान, उपप्रधान, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य शामिल हैं।
नामांकन के लिए जरूरी दस्तावेज
चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का नाम मतदाता सूची में होना अनिवार्य है। इसके साथ पंचायत से अनापत्ति प्रमाण पत्र और निर्वाचन आयोग की ओर से जारी स्वयं सत्यापित घोषणा पत्र भी आवश्यक होगा। घोषणा पत्र में उम्मीदवार को यह स्पष्ट करना होगा कि उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है, वह चिट्टा तस्करी में संलिप्त नहीं है, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया है और किसी बैंक का डिफॉल्टर नहीं है। पंचायत समिति और जिला परिषद उम्मीदवारों के लिए बीडीओ कार्यालय से काउंटर साइन करवाना भी अनिवार्य किया गया है।
इन लोगों को चुनाव लड़ने की अनुमति
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आशा वर्कर, आउटसोर्स कर्मचारी, होमगार्ड, कृषि मित्र, निजी डिपो होल्डर, मनरेगा सोशल ऑडिट कर्मी और लंबरदार चुनाव लड़ सकेंगे। वहीं सरकारी जमीन पर अतिक्रमण से जुड़े मामलों में अयोग्य घोषित लोग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, मिड-डे मील वर्कर, जलरक्षक, सहकारी समितियों के सेल्समैन और सचिव चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जिन मामलों में अदालत में अपील या पुनरीक्षण लंबित है, ऐसे व्यक्ति भी चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होंगे।
पंचायत चुनावों को लेकर बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
प्रदेश की 3754 पंचायतों में चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के समर्थित उम्मीदवार पंचायत स्तर पर सक्रिय हो चुके हैं। कई क्षेत्रों में सेवानिवृत्त कर्मचारी और स्वतंत्र उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। राजनीतिक दल पंचायत स्तर पर संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने में जुटे हैं। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत स्तर पर नई प्रतिनिधि व्यवस्थाएं तय होंगी।