हिमाचल में नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली पर शिक्षक दिवस से पहले होगा निर्णय, मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को दिया आश्वासन
प्रदेश सरकार ने नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली को लेकर प्राथमिक शिक्षकों की मांगों पर शिक्षक दिवस से पहले निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक संघ के साथ बैठक के बाद व्यवस्था की समीक्षा कर आवश्यक सुधार या अन्य उपयुक्त निर्णय लिया जाएगा तथा शिक्षकों से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक मामलों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
शिमला
शिक्षक संघ की आम सभा में मुख्यमंत्री का संबोधन
शिमला के चौड़ा मैदान में आयोजित हिमाचल प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की आम सभा में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार नई कॉम्प्लेक्स प्रणाली की सहानुभूतिपूर्वक समीक्षा करेगी। उन्होंने बताया कि शिक्षक दिवस से पहले इस विषय पर अंतिम निर्णय लेने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार और शिक्षक संघ के बीच होने वाली आगामी बैठक में सभी सुझावों और मांगों पर विस्तार से विचार किया जाएगा, जिसके बाद यह तय किया जाएगा कि वर्तमान व्यवस्था में संशोधन किया जाए या अन्य उपयुक्त निर्णय लिया जाए।
निलंबन, विभागीय जांच और एफआईआर पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्राथमिक शिक्षकों के विरुद्ध की गई निलंबन की कार्रवाइयों, विभागीय जांचों तथा दर्ज एफआईआर को वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य अध्यापकों, केंद्र मुख्य अध्यापकों तथा खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों के अधिकारों में किसी प्रकार की कमी नहीं की जाएगी। इसके साथ ही प्राथमिक विद्यालयों में खेल गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की भी घोषणा की गई, ताकि विद्यार्थियों के समग्र विकास को प्रोत्साहन मिल सके।
जेबीटी शिक्षकों की पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया पर जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेबीटी शिक्षकों को टीजीटी पदों पर पदोन्नति प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षक संघ की विभिन्न मांगों पर सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान विस्तार से चर्चा की गई है और इन विषयों पर विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है।
शिक्षा सुधार और विद्यालयों के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र में चरणबद्ध सुधार लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा पहले ही शुरू की जा चुकी है और इस दिशा में प्राथमिक शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सीबीएसई विद्यालयों में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
ओपीएस और राज्य के वित्तीय विषयों पर भी रखे विचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल की पहली बैठक में 1.36 लाख कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि यह निर्णय कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राज्य की वित्तीय स्थिति और राजस्व से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया तथा कहा कि सरकार प्रदेश के अधिकारों और संसाधनों के संरक्षण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर सभी पक्षों के सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।