तूफान से कुल्लू, कांगड़ा और शिमला में संपत्ति व बिजली ढांचे को नुकसान
दो दिन की राहत के बाद हिमाचल प्रदेश में मौसम फिर बदल गया और बीती रात कई क्षेत्रों में तेज बारिश और तूफान दर्ज किया गया। कुल्लू, कांगड़ा और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर मकानों, गौशालाओं, पेड़ों और बिजली ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
कुल्लू/शिमला
कुल्लू के बंजार क्षेत्र में मकानों और गौशालाओं को नुकसान
कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र में बीती रात आए तेज तूफान के कारण कई रिहायशी मकानों और गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र में करीब पांच मकानों और आठ से अधिक गौशालाओं की छतें तेज हवाओं में प्रभावित हुईं। कई स्थानों पर छतें आंशिक या पूर्ण रूप से उड़ गईं, जिससे स्थानीय स्तर पर संपत्ति को नुकसान दर्ज किया गया। प्रशासनिक टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं।
कांगड़ा और शिमला में पेड़ और बिजली ढांचा प्रभावित
कांगड़ा और शिमला जिलों में भी तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। कांगड़ा जिले में विभिन्न स्थानों पर पेड़ गिरने के कारण बिजली आपूर्ति करीब पांच घंटे तक बाधित रही। शिमला, मंडी, हमीरपुर, सोलन और कुल्लू जिलों के कुछ हिस्सों में भी रात के समय बारिश दर्ज की गई, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने से यातायात प्रभावित
शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में गानवी खड्ड का जलस्तर बारिश के बाद अचानक बढ़ गया, जिसके कारण एक वाहन फंस गया और आसपास की सड़क का हिस्सा भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर वाहन और चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं रामपुर के पाटबंगला क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े एक वाहन पर पेड़ गिरने से उसे क्षति पहुंची।
मौसम विभाग ने दर्ज की बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बीती रात गुलेड़ में 41.2 मिमी, पंडोह में 41 मिमी और कांगड़ा में 32.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। विभिन्न जिलों में तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने की घटनाएं दर्ज की गई हैं।