शिमला, हिमाचल प्रदेश: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पुलिस जवान को चिट्टे (हेरोइन) के साथ गिरफ्तार किया है। यह घटना बागी बिनौला क्षेत्र में हुई, जहां एक ट्रक से 6.64 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई, और ट्रक को भी जब्त कर लिया गया। यह घटना वीरवार देर रात करीब 12:30 बजे की है।
बिनौला में ट्रक की चेकिंग के दौरान गिरफ्तारी
सदर थाना पुलिस की एक टीम ने वीरवार रात को बिनौला क्षेत्र में नाकाबंदी और गश्त के दौरान एक ट्रक को रोका। पुलिस टीम के आईओ संदीप कुमार ने अपनी टीम के साथ ट्रक HP24C-4303 की तलाशी ली, जिसमें से 6.64 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। ट्रक के चालक और सहायक को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप कुमार (35) और विशाल ठाकुर (32) के रूप में हुई, जो बिनौला क्षेत्र के निवासी हैं।
पुलिस जवान की गिरफ्तारी: एक चौंकाने वाली कहानी
अभी तक की जांच में यह खुलासा हुआ कि एक आरोपी पुलिस जवान था, जो पहले विजिलेंस बिलासपुर में तैनात था और वर्तमान में शिमला में बतौर चालक कार्यरत था। एसपी संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह पुलिस जवान पहले भी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाया गया था, लेकिन वह बचने में सफल हो जाता था। पुलिस की लगातार निगरानी के चलते इस बार उसे पकड़ लिया गया।
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एसपी ने बताया कि विभाग ने पहले भी इस पुलिस जवान के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश की थी, लेकिन वह हर बार बच निकला था। लेकिन अब, पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों पर पैनी नजर रखी, जिसके कारण यह गिरफ्तारी संभव हो सकी।
पुलिस की कड़ी कार्रवाई जारी
यह गिरफ्तारी न केवल एक पुलिस जवान की अपराध में संलिप्तता को उजागर करती है, बल्कि यह हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ की जा रही कड़ी कार्रवाई का भी हिस्सा है। पुलिस ने इस मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसपी ने बताया कि सदर पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है, और इस केस में कोई भी संदिग्ध व्यक्ति बच नहीं पाएगा। पुलिस द्वारा ऐसे अपराधों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि नशे के कारोबार को पूरी तरह से नष्ट किया जा सके।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह गिरफ्तारी एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस जवान का नशे के व्यापार में शामिल होना यह साबित करता है कि नशे की समस्या किसी भी वर्ग में फैल सकती है। पुलिस का यह कदम न केवल एक सख्त संदेश भेजता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
इस मामले से यह भी स्पष्ट होता है कि पुलिस को अपने ही विभाग में भी ऐसे संदिग्धों पर नजर रखने की जरूरत है, ताकि समाज को सुरक्षित रखा जा सके और नशे का कारोबार पूरी तरह से खत्म किया जा सके।
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