HP Board / एचपी बोर्ड छठी की पुस्तक दोबारा छापेगा, किन्नौर और मंडी से जुड़ी त्रुटियों पर समीक्षा शुरू
Himachalnow / शिमला
HP Board : हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने छठी कक्षा की पुस्तक में सामने आई तथ्यात्मक और अनुवाद संबंधी त्रुटियों के बाद पुस्तक को दोबारा प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। शिक्षा बोर्ड ने सामग्री की समीक्षा के लिए विशेष कमेटी गठित कर संशोधित संस्करण तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शिमला
छठी कक्षा की पुस्तक में सामने आई अनुवाद संबंधी त्रुटियां
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रकाशित छठी कक्षा की पुस्तक ‘हिमाचल की लोक संस्कृति और योग’ में कई अनुवाद और तथ्यात्मक त्रुटियां सामने आई हैं। पुस्तक के अंग्रेजी अनुवाद में किन्नौर जिले से जुड़े शब्द का गलत अर्थ प्रकाशित किया गया, जिसमें किन्नौर को ट्रांसजेंडर के रूप में दर्शाया गया। इसके अलावा मंडी जिले को ‘मार्केट’ के रूप में अनुवादित किया गया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षा निदेशालय ने इसका संज्ञान लिया और शिक्षा बोर्ड को पुस्तक में संशोधन करने के निर्देश दिए गए।
एआई और ऑटो ट्रांसलेशन टूल के उपयोग की जानकारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पुस्तक के अनुवाद के दौरान किसी एआई या ऑटो ट्रांसलेशन टूल का उपयोग किया गया था। इसी प्रक्रिया में ‘किन्नौर’ शब्द को ‘किन्नर’ समझते हुए उसका अंग्रेजी अनुवाद ‘ट्रांसजेंडर’ कर दिया गया। वहीं ‘मंडी’ शब्द को बाजार के अर्थ में लेते हुए ‘मार्केट’ लिखा गया। पुस्तक छपने और स्कूलों तक पहुंचने के बाद इन त्रुटियों पर ध्यान गया, जिसके बाद पूरे मामले की समीक्षा शुरू की गई।
पुस्तक के अन्य पृष्ठों पर भी मिलीं गलतियां
पुस्तक के पृष्ठ 16 पर जिलों के गठन से जुड़े प्रश्न में बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और डलहौजी के साथ ‘ट्रांसजेंडर’ शब्द विकल्प के रूप में प्रकाशित किया गया था, जबकि हिंदी संस्करण में वहां ‘किन्नौर’ सही रूप में अंकित था। इसके अलावा पृष्ठ 17 पर वर्ष 1972 की जगह 19712 प्रकाशित किया गया। इन त्रुटियों को लेकर बोर्ड स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विशेष कमेटी करेगी समीक्षा, फिर छपेगी पुस्तक
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पुस्तक की सामग्री की जांच और संशोधन के लिए विशेष कमेटी गठित की है। कमेटी पुस्तक के सभी अध्यायों और अनुवादित सामग्री की समीक्षा करेगी। समीक्षा पूरी होने के बाद संशोधित पुस्तक को दोबारा प्रकाशित कर स्कूलों में भेजा जाएगा। बोर्ड अधिकारियों के अनुसार नई पुस्तक में सभी तथ्य और अनुवाद सही रूप में सुनिश्चित किए जाएंगे।