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70 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का एरियर होगा जारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 6 Hours Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के 57वें स्थापना दिवस पर कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का लंबित एरियर जारी करने की घोषणा की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय को भारतीय सेना और डीआरडीओ के सहयोग से करीब 11.69 करोड़ रुपये के तीन नए शोध प्रोजेक्ट मिलने की भी जानकारी दी गई।

शिमला

पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए एरियर जारी करने की घोषणा

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के 57वें स्थापना दिवस समारोह में कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णयों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का लंबित एरियर जारी करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से लंबित वित्तीय मामलों का समाधान कर रहा है ताकि कर्मचारियों और पेंशनरों को समयबद्ध राहत मिल सके।

करीब 11.69 करोड़ रुपये के तीन नए शोध प्रोजेक्ट मिले

कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय को भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के सहयोग से तीन नए शोध प्रोजेक्ट प्राप्त हुए हैं। इनमें पहला प्रोजेक्ट भारतीय सेना के सहयोग से लगभग 10 करोड़ रुपये का है, जिसके तहत उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए विशेष सामग्री (Advanced Material Technology) विकसित की जाएगी। इस तकनीक का उपयोग भविष्य में उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रक्षा संबंधी आवश्यकताओं के अनुरूप किया जा सकेगा।

डीआरडीओ और रडार तकनीक पर भी होगा शोध

उन्होंने बताया कि दूसरा शोध प्रोजेक्ट डीआरडीओ की आईएनएमएएस (Institute of Nuclear Medicine and Allied Sciences – INMAS) प्रयोगशाला के सहयोग से 82 लाख रुपये का है। इस परियोजना में ऐसे सूक्ष्मजीवों पर अनुसंधान किया जाएगा, जो रेडियोलॉजिकल खतरों, विशेषकर डर्टी बम जैसी परिस्थितियों से सुरक्षा संबंधी वैज्ञानिक अध्ययन में उपयोगी हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त विश्वविद्यालय को 87 लाख रुपये का तीसरा प्रोजेक्ट भी प्राप्त हुआ है, जिसमें आधुनिक रडार प्रौद्योगिकी के विकास पर अनुसंधान किया जाएगा।

शोध गतिविधियों को मिलेगा नया विस्तार

प्रो. महावीर सिंह ने कहा कि इन तीनों परियोजनाओं के माध्यम से विश्वविद्यालय की शोध क्षमता को और मजबूत किया जाएगा। विद्यार्थियों, शोधार्थियों और वैज्ञानिकों को राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर मिलेगा, जिससे रक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान को बढ़ावा देना और राष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग को मजबूत करना है।

चरणबद्ध तरीके से होंगे लंबित मामलों का निपटारा

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मचारियों और पेंशनरों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया पर कार्य कर रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के एरियर जारी करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी कर्मचारियों के हितों और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं शोध विकास से जुड़े विषयों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा।