IIT मंडी के गोल्ड मेडलिस्ट वायुन गोयल को माइक्रोसॉफ्ट में 55 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज
IIT मंडी के दीक्षांत समारोह में प्रेजिडेंट गोल्ड मेडलिस्ट वायुन गोयल और निदेशक पदक विजेता सुखवंश जैन की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित किया गया। वायुन गोयल को माइक्रोसॉफ्ट में 55 लाख रुपये तथा सुखवंश जैन को एक सॉफ्टवेयर कंपनी में 25 लाख रुपये का वार्षिक पैकेज प्राप्त हुआ।
मंडी
दीक्षांत समारोह में मिला सम्मान
IIT मंडी में आयोजित दीक्षांत समारोह के दौरान बीटेक कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र वायुन गोयल को प्रेजिडेंट गोल्ड मेडल और सुखवंश जैन को निदेशक पदक प्रदान किया गया। संस्थान में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर दोनों छात्रों को यह सम्मान मिला। दोनों विद्यार्थियों को पढ़ाई पूरी होने से पहले ही रोजगार के अवसर प्राप्त हो गए थे, जिससे उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के साथ-साथ पेशेवर क्षमता भी सामने आई है।
माइक्रोसॉफ्ट में मिला 55 लाख रुपये का पैकेज
वायुन गोयल को बेंगलुरु स्थित माइक्रोसॉफ्ट में आईटी इंजीनियर के रूप में 55 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर नियुक्ति मिली है। कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले वायुन ने बताया कि उनकी शैक्षणिक यात्रा के दौरान परिवार, शिक्षकों और मित्रों का निरंतर सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि भविष्य में वह तकनीकी क्षेत्र में नवाचार और उद्योग से जुड़े समाधान विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहते हैं।
परिवार ने साझा किया अनुभव
वायुन के पिता भरत गोयल निजी क्षेत्र में कार्यरत हैं जबकि उनकी माता प्रियंका गोयल गृहिणी हैं। परिवार के अनुसार वायुन की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई और उन्होंने शुरुआती स्तर से ही पढ़ाई में निरंतर रुचि दिखाई। उनके पिता ने बताया कि कोचिंग के दौरान शिक्षकों ने उनकी क्षमता को देखते हुए भविष्य में अच्छे परिणाम मिलने की बात कही थी। परिवार का मानना है कि नियमित अध्ययन और मार्गदर्शन ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सुखवंश जैन को मिला 25 लाख रुपये का पैकेज
निदेशक पदक विजेता सुखवंश जैन को एक सॉफ्टवेयर कंपनी में 25 लाख रुपये के वार्षिक पैकेज पर नियुक्ति मिली है। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक अवधि के दौरान शिक्षकों के मार्गदर्शन और संस्थान के शैक्षणिक वातावरण से उन्हें अपने कौशल को विकसित करने का अवसर मिला। कंप्यूटर साइंस क्षेत्र में रुचि रखने वाले सुखवंश ने तकनीकी परियोजनाओं और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से अपनी पेशेवर तैयारी को मजबूत किया।
दो वर्ष नौकरी के बाद करेंगे उच्च शिक्षा
सुखवंश जैन ने कहा कि वह उद्योग क्षेत्र में लगभग दो वर्ष तक कार्य करने के बाद मास्टर्स की पढ़ाई करने की योजना बना रहे हैं। उनका उद्देश्य पेशेवर अनुभव प्राप्त करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के माध्यम से अपने तकनीकी ज्ञान को और विस्तृत करना है। उनके पिता दिनेश जैन व्यवसायी हैं और परिवार ने उनकी शैक्षणिक तथा पेशेवर उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त किया है।