निचार में सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में शामिल हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी
निचार में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और विभिन्न विभागों के अधिकारियों को उनके समयबद्ध समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बागवानी, शिक्षा, नशा रोकथाम, ग्रामीण विकास तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की। साथ ही प्रशासनिक सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने और लोगों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से ऐसे कार्यक्रमों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
रिकांगपिओ
निचार में आयोजित हुआ सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम
राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निचार के मैदान में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाना तथा स्थानीय लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना रहा। इस दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, जल शक्ति, पशुपालन तथा अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में स्थानीय निवासियों ने अपनी समस्याएं और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं, जिनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन पर दिया जोर
अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से लोगों को जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों की सेवाएं उनके क्षेत्र में उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त होती है। साथ ही लोगों की शिकायतों और सुझावों को सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का अवसर भी मिलता है।
आधुनिक बागवानी प्रणाली अपनाने की सलाह
बागवानी मंत्री ने किन्नौर के बागवानों से आधुनिक बागवानी तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा और बदलती बाजार परिस्थितियों को देखते हुए उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने तथा विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक बागवानी प्रणाली, उन्नत पौध सामग्री, वैज्ञानिक प्रबंधन और बेहतर पैकेजिंग के माध्यम से किन्नौर के सेब और अन्य बागवानी उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने बागवानों से नई तकनीकों को अपनाने और उत्पादन लागत कम करते हुए गुणवत्ता सुधार पर ध्यान देने का भी आह्वान किया।
शिक्षा क्षेत्र की योजनाओं की दी जानकारी
मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए चरणबद्ध तरीके से 150 सीबीएसई पैटर्न आधारित विद्यालय स्थापित कर रही है, जहां पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में शिक्षा प्रदान की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला किन्नौर में निचार, भावानगर, सांगला, रिकांगपिओ और कानम के विद्यालयों को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी शैक्षणिक सत्र में पूह और कटगांव के सरकारी विद्यालयों को भी सीबीएसई पैटर्न में शामिल करने की योजना है। उनके अनुसार इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराना है।
नशा रोकथाम अभियान पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने नशा रोकथाम से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है तथा अवैध नशीले पदार्थों की रोकथाम के लिए संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। इस अवसर पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला निचार के विद्यार्थियों द्वारा नशा जागरूकता विषय पर लघु नाटिका भी प्रस्तुत की गई, जिसके लिए मंत्री ने विद्यालय को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
आपदा राहत और जनकल्याणकारी उपायों का किया उल्लेख
जगत सिंह नेगी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने राहत मैनुअल में संशोधन किया था। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त मकानों के पुनर्निर्माण के लिए प्रति पात्र परिवार 7 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रही है।
47.13 लाख रुपये की पेयजल योजना का लोकार्पण
कार्यक्रम से पूर्व मंत्री ने जल शक्ति विभाग द्वारा 47.13 लाख रुपये की लागत से निर्मित ग्रांगे निचार पेयजल योजना का लोकार्पण किया। इस योजना के माध्यम से क्षेत्र के निवासियों को पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुविधा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और जिला प्रशासन द्वारा संचालित विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक किन्नौर सुशील कुमार शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर सिंह नेगी, पुलिस उपाधीक्षक भावानगर राजकुमार, खंड विकास अधिकारी निचार विजय नेगी, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा स्थानीय निवासी उपस्थित रहे।

