कफोटा में सात करोड़ की पेयजल योजनाओं पर काम तेज, 33 केवी सब-स्टेशन से सुधरेगी बिजली आपूर्ति
कफोटा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए करीब सात करोड़ रुपये की दो योजनाओं का काम जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें करीब 5.50 करोड़ रुपये की बोराड पेयजल आपूर्ति योजना और करीब 1.50 करोड़ रुपये की खजुरी-पाटनी पेयजल आपूर्ति योजना शामिल है। क्षेत्र में 33 केवी विद्युत सब-स्टेशन भी स्थापित किया जा रहा है, जिससे लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या दूर होने की उम्मीद है।
नाहन/कफोटा
उद्योग, संसदीय मामले एवं श्रम रोजगार मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि कफोटा क्षेत्र में पेयजल की समस्या उनके संज्ञान में लाई गई है। पानी की आपूर्ति बेहतर बनाने के लिए बोराड पेयजल आपूर्ति योजना पर करीब 5 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके साथ ही लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत वाली खजुरी-पाटनी पेयजल आपूर्ति योजना का कार्य भी जारी है। दोनों योजनाओं पर कुल मिलाकर करीब सात करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
दोनों पेयजल योजनाएं जल्द पूरी करने का लक्ष्य
हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि दोनों पेयजल योजनाओं का काम जल्द पूरा किया जाएगा। इन योजनाओं के पूरा होने के बाद कफोटा क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि योजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में पानी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाकर स्थानीय लोगों को राहत उपलब्ध करवाना है।
लो-वोल्टेज की समस्या के समाधान की उम्मीद
पेयजल योजनाओं के साथ कफोटा की बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 33 केवी विद्युत सब-स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। उद्योग मंत्री के अनुसार, सब-स्टेशन शुरू होने के बाद क्षेत्र में लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों के लिए बेहतर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध करवाने का रास्ता साफ होगा और क्षेत्र की मौजूदा बिजली व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
ग्रामीण सड़कों की मेटलिंग और टारिंग पर काम
हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि कफोटा के आसपास स्थित गांवों को सड़कों से जोड़ा गया है। इन सड़कों की मेटलिंग और टारिंग का कार्य भी सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली और दूसरी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार का उद्देश्य है। संबंधित कार्यों के माध्यम से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने और गांवों की संपर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर जोर दिया जा रहा है।