दिल की धड़कन संभालने वाला इंजेक्शन निकला नकली, कालाअंब की फार्मा कंपनी पर सबसे बड़ी कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश के कालाअंब स्थित एक फार्मा कंपनी द्वारा निर्मित एडेनोसिन इंजेक्शन को जांच में नकली पाया गया है, जिसके बाद राज्य औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला मुंबई की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के सभी निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं और सभी उत्पादों पर रोक लगा दी गई है। मामला गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए आगे की जांच जारी है।
कालाअंब
हृदय रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाला एक महत्वपूर्ण इंजेक्शन जांच में नकली पाए जाने के बाद हिमाचल प्रदेश औषधि प्रशासन ने कालाअंब स्थित एक दवा निर्माता कंपनी पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, मुंबई की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी के सभी दवा निर्माण लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए गए हैं। इसके साथ ही कंपनी द्वारा निर्मित और लाइसेंस प्राप्त सभी उत्पादों के निर्माण, बिक्री और वितरण पर भी रोक लगा दी गई है।
मामला एडेनोसिन इंजेक्शन आईपी 6 मिलीग्राम/2 मिलीलीटर (कार्डियूरेक्स) के एक बैच से जुड़ा है। यह इंजेक्शन हृदय की असामान्य और तेज धड़कनों को नियंत्रित करने के लिए आपातकालीन चिकित्सा स्थितियों में उपयोग किया जाता है। जांच के लिए भेजे गए नमूने को केंद्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला (सीडीटीएल), मुंबई ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 17-बी के तहत “स्प्यूरियस” अर्थात नकली दवा घोषित किया। सीडीटीएल देश की प्रमुख औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं में शामिल है, जहां दवाओं की गुणवत्ता और प्रामाणिकता की जांच की जाती है।
रिपोर्ट सामने आते ही राज्य औषधि प्रशासन ने मामले को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम मानते हुए तत्काल नियामकीय कार्रवाई शुरू कर दी। लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा जारी आदेश के तहत कंपनी को फार्म-25 और फार्म-28 के अंतर्गत प्रदान किए गए सभी विनिर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं। साथ ही इन लाइसेंसों के तहत स्वीकृत सभी उत्पादों की अनुमतियां भी निरस्त कर दी गई हैं।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और राज्य औषधि प्रशासन की संयुक्त टीम ने कंपनी का जोखिम आधारित निरीक्षण भी किया था। निरीक्षण के दौरान जुटाए गए तथ्यों और प्रयोगशाला रिपोर्ट को आधार बनाकर यह कार्रवाई अमल में लाई गई। संबंधित इंजेक्शन के निर्यात से जुड़े पहलुओं की भी जांच जारी है और इस मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है।विभागीय पुष्टि में बताया कि केंद्रीय प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कालाअंब स्थित कंपनी द्वारा निर्मित संबंधित बैच स्प्यूरियस पाया गया है। रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए कंपनी के निर्माण लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।वहीं राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने कहा कि दवाओं की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। गुणवत्ता मानकों का उल्लंघन करने वाले निर्माताओं के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
क्या है एडेनोसिन इंजेक्शन
एडेनोसिन इंजेक्शन हृदय की कुछ गंभीर अनियमित धड़कनों को सामान्य करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली जीवनरक्षक दवाओं में शामिल है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और अस्पतालों में इसका व्यापक उपयोग होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की दवा यदि नकली या निम्न गुणवत्ता की हो तो मरीज के जीवन पर सीधा खतरा पैदा हो सकता है। इसलिए इस मामले को औषधि सुरक्षा से जुड़ी गंभीर घटनाओं में माना जा रहा है।