Loading...

करसोग में बंद बस रूटों पर धरना, 26 सितंबर को चक्का जाम की चेतावनी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 12 Sep 2026 • 1 Min Read

मंडी जिले के करसोग में कुन्हों-घड़ाथा क्षेत्र के चार बस रूट बंद होने के विरोध में स्थानीय लोगों ने विधायक दीप राज के नेतृत्व में एचआरटीसी कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बस सेवाएं तत्काल बहाल करने की मांग उठाई। विधायक ने क्षेत्र में बंद करीब 35 रूट 26 सितंबर तक शुरू नहीं होने पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।

करसोग

करसोग बस अड्डे स्थित हिमाचल पथ परिवहन निगम कार्यालय में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और बस सेवाओं की बहाली के लिए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय से बाहर आए और लोगों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि बस रूट बंद होने से दूरदराज के क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है। इससे स्कूली विद्यार्थियों, कर्मचारियों, बुजुर्गों और मरीजों को रोजमर्रा के सफर में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक ने निजी ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने का लगाया आरोप

विधायक दीप राज ने प्रदेश सरकार और एचआरटीसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि करसोग क्षेत्र में बिना ठोस कारण करीब 35 बस रूट बंद किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि यह कदम निजी बस ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया, जिसका असर ग्रामीण जनता पर पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि सरकारी परिवहन का उद्देश्य केवल लाभ कमाना नहीं, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाना भी है।

घड़ाथा के लिए बस चलाने का मिला आश्वासन

एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक ने घड़ाथा के लिए बस सेवा तत्काल शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद शुक्रवार को धरना समाप्त कर दिया गया। विधायक ने कहा कि यदि 26 सितंबर तक बंद सभी 35 रूट बहाल नहीं हुए तो प्रभावित लोगों के साथ जनआंदोलन किया जाएगा। इसी दिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चक्का जाम करने की चेतावनी दी गई है। एचआरटीसी प्रबंधन के अनुसार बंद रूट आर्थिक घाटे में थे और नीति के तहत कुछ रूट निजी ऑपरेटरों को सौंपे गए थे, लेकिन उन्होंने भी बसें चलाने में असमर्थता जताई है।

Related Topics: