Landslide / किन्नौर के शोंगटोंग प्रोजेक्ट क्षेत्र में भूस्खलन, बैराज निर्माण स्थल को पहुंचा नुकसान
Landslide : किन्नौर के पोवारी स्थित शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट की बैराज साइट पर शुक्रवार सुबह भूस्खलन की घटना दर्ज की गई। घटना के समय निर्माण कार्य में लगे मजदूर सुरक्षित स्थान पर चले गए, जबकि बैराज निर्माण स्थल को नुकसान पहुंचा है और आसपास स्थित एक पेट्रोल पंप व आवासीय भवन पर भी संभावित जोखिम बना हुआ है।
किन्नौर
शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट क्षेत्र में हुआ भूस्खलन
जिला किन्नौर के पोवारी क्षेत्र में स्थित शोंगटोंग पावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन बैराज साइट पर शुक्रवार सुबह भूस्खलन की घटना दर्ज की गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आईं, जिससे निर्माण स्थल के आसपास का क्षेत्र प्रभावित हुआ। भूस्खलन के दौरान कई पेड़ भी गिर गए। घटना के समय बैराज निर्माण से संबंधित कार्य जारी था और साइट पर श्रमिक तथा तकनीकी कर्मचारी मौजूद थे। भूस्खलन के बाद कुछ समय के लिए निर्माण गतिविधियां रोक दी गईं और सुरक्षा मानकों के तहत क्षेत्र का निरीक्षण शुरू किया गया।
मजदूर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे
भूस्खलन शुरू होते ही साइट पर कार्यरत मजदूरों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, निर्माणाधीन बैराज से जुड़ी कुछ अस्थायी संरचनाओं और कार्यस्थल के हिस्सों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। परियोजना प्रबंधन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर स्थिति का आकलन कर रही हैं। नुकसान की वास्तविक स्थिति का पता विस्तृत निरीक्षण रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा।
पेट्रोल पंप और भवन पर बना जोखिम
भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के समीप स्थित एक पेट्रोल पंप और एक आवासीय भवन भी संभावित जोखिम क्षेत्र में आ गए हैं। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार यदि आगामी दिनों में वर्षा या भू-स्खलन की गतिविधियां जारी रहती हैं तो अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं। प्रभावित क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह भी दी गई है।
शिमला में भी मलबा आने से यातायात प्रभावित
उधर, राजधानी शिमला के संजौली-ढली बाईपास स्थित लंबीधार क्षेत्र में गुरुवार शाम पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, चट्टानें और एक पेड़ सड़क पर आ गया था। इसके कारण मार्ग पर यातायात लगभग दो घंटे तक प्रभावित रहा। लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का कार्य शुरू किया। विभागीय मशीनरी की सहायता से सड़क को शाम तक एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया था, जिससे वाहनों की आवाजाही आंशिक रूप से बहाल हो सकी।
सड़क यातायात पूरी तरह बहाल
लोक निर्माण विभाग द्वारा रातभर और शुक्रवार सुबह तक सफाई एवं सुरक्षा संबंधी कार्य जारी रखा गया। इसके बाद संजौली-ढली बाईपास मार्ग पर यातायात पूरी तरह सामान्य कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मानसून और बदलते मौसम को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी की जा रही है। साथ ही भूस्खलन संभावित स्थानों पर आवश्यक एहतियाती उपाय अपनाने और सड़क उपयोगकर्ताओं को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।