किशाऊ परियोजना पर भाजपा भ्रम फैला रही, किसानों के हित सुरक्षित: विनोद ज़िंटा
प्रदेश कांग्रेस संगठन महामंत्री विनोद ज़िंटा ने किशाऊ जल विद्युत परियोजना को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने दावा किया कि परियोजना से सिरमौर के किसानों और प्रभावित परिवारों के हित सुरक्षित रहेंगे तथा हिमाचल प्रदेश को हर वर्ष करीब 1,200 करोड़ रुपये की आय होगी। ज़िंटा ने भाजपा पर परियोजना को लेकर जनता के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप भी लगाया।
शिमला
विनोद ज़िंटा ने 21 सितंबर को जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने परियोजना से जुड़े समझौते में हिमाचल के हितों को प्राथमिकता दी है। उनके अनुसार, सरकार ने प्रदेश के जल संसाधनों से अधिकतम आर्थिक लाभ सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। प्रभावित परिवारों को लागू भूमि अधिग्रहण नियमों के तहत उचित मुआवजा और पुनर्वास लाभ दिए जाएंगे। स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से परियोजना प्रभावित क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल की प्रेस वार्ता पर प्रतिक्रिया देते हुए ज़िंटा ने कहा कि भाजपा को परियोजना पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों और आर्थिक अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाती है, तब भाजपा उसका समर्थन करने के बजाय विरोध करती है। ज़िंटा के मुताबिक, हिमाचल के अधिकारों और प्रदेश की हिस्सेदारी से जुड़े विषयों पर भी भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार का साथ नहीं दिया।
भाजपा के रुख पर उठाए सवाल
ज़िंटा ने भाजपा के रवैये को विरोधाभासी बताते हुए कहा कि एक ओर प्रदेश भाजपा के नेता किशाऊ परियोजना के समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार जता रहे हैं, जबकि दूसरी ओर राजीव बिंदल इसी समझौते में सिरमौर के किसानों और प्रभावित परिवारों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह इस समझौते के पक्ष में है या इसके विरोध में।
कांग्रेस संगठन महामंत्री ने कहा कि भाजपा अपने कार्यकाल में किशाऊ परियोजना को अंतिम रूप नहीं दे सकी थी। अब मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने इसे निर्णायक दिशा दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परियोजना आगे बढ़ने के बाद भाजपा नेता बयानबाजी कर रहे हैं। ज़िंटा ने भाजपा नेताओं से राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर जनता के सामने स्थिति रखने और किसानों तथा प्रभावित परिवारों के बीच भ्रम पैदा नहीं करने का आग्रह किया।
211 मेगावाट बिजली और रोजगार का दावा
विनोद ज़िंटा के अनुसार, परियोजना से हिमाचल प्रदेश को उत्पादन लागत वहन किए बिना 211 मेगावाट बिजली का हिस्सा मिलेगा। उन्होंने कहा कि परियोजना में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की समान भागीदारी तय की गई है तथा 50 प्रतिशत रोजगार के अवसर हिमाचल के युवाओं को उपलब्ध होंगे। प्रदेश को अपने जल संसाधनों से आर्थिक लाभ लेने के लिए भारी वित्तीय बोझ या बड़ी पूंजीगत लागत भी नहीं उठानी पड़ेगी, जिससे राज्य को दीर्घकालिक राजस्व मिलने की संभावना है।
ज़िंटा ने किशाऊ परियोजना को हिमाचल प्रदेश के आर्थिक भविष्य और आत्मनिर्भरता से जुड़ा महत्वपूर्ण समझौता बताया। उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश को नियमित आय मिलने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा। कांग्रेस नेता ने दोहराया कि किसानों और प्रभावित परिवारों के हितों की सुरक्षा के लिए मुआवजे, पुनर्वास और स्थानीय क्षेत्र विकास से जुड़े प्रावधान लागू होंगे। उन्होंने भाजपा से परियोजना पर तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखने की अपील की।