मैहला पंचायत सचिव सेवा से बर्खास्त, सेईकोठी के तत्कालीन सचिव निलंबित
चंबा जिले में दो अलग-अलग मामलों में पंचायत सचिवों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। मैहला पंचायत में सामग्री खरीद, प्राप्ति, स्टॉक लेखांकन, अभिरक्षा और उपयोग से जुड़ी वित्तीय एवं प्रक्रियात्मक अनियमितताएं विभागीय जांच में सही पाए जाने पर उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने पंचायत सचिव को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का आदेश दिया है। वहीं, सेईकोठी पंचायत में मृत व्यक्ति के नाम प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का आवास स्वीकृत होने के मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है।
चंबा
मैहला विकास खंड की ग्राम पंचायत मैहला से संबंधित मामला अक्तूबर 2025 में शुरू हुई विभागीय कार्रवाई से जुड़ा है। पंचायत सचिव के खिलाफ 13 अक्तूबर 2025 को ज्ञापन संख्या 4796-98 के माध्यम से आरोप तय किए गए थे। उन पर केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 के नियम 3 के उल्लंघन का आरोप था। नियमित विभागीय जांच के लिए चंबा के उपमंडलाधिकारी को जांच अधिकारी बनाया गया। जांच के दौरान कर्मचारी को अपना पक्ष रखने, उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करने और उनका प्रतिवाद करने का अवसर दिया गया।
जांच अधिकारी की रिपोर्ट में पंचायत सचिव पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद अनुशासनिक प्राधिकारी एवं उपायुक्त ने केंद्रीय सिविल सेवा नियमों के तहत जांच रिपोर्ट की प्रति कर्मचारी को उपलब्ध करवाई। छह जुलाई 2026 को जारी पत्र के माध्यम से कर्मचारी से जांच निष्कर्षों के खिलाफ लिखित अभ्यावेदन या आपत्ति मांगी गई और व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर भी दिया गया। अनुशासनिक प्राधिकारी के अनुसार, जांच में मिले साक्ष्यों से सामग्री की खरीद, प्राप्ति, स्टॉक लेखांकन, अभिरक्षा और उपयोग में गंभीर चूक तथा वित्तीय एवं प्रक्रियात्मक अनियमितताएं स्थापित हुईं।
सेईकोठी पंचायत मामले में अलग कार्रवाई
चुराह उपमंडल की सेईकोठी पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मृत व्यक्ति के नाम आवास स्वीकृत किए जाने की जांच के बाद तत्कालीन पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है। संबंधित ग्रामीण रोजगार सेवक को एक माह का नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। खंड विकास अधिकारी तीसा को ग्राम रोजगार सेवक को तत्काल प्रभाव से मौजूदा पंचायत से बदलने के निर्देश भी दिए गए हैं। एडीसी चंबा अमित मैहरा ने खंड विकास अधिकारी तीसा की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है।
जांच रिपोर्ट में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लाभार्थियों के सत्यापन, अभिलेखों की जांच और निर्धारित प्रक्रिया के पालन में गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। एडीसी एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित मैहरा ने मंगलवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। उन्होंने पुष्टि की कि मामले में तत्कालीन पंचायत सचिव को निलंबित किया गया है। प्रशासन ने ग्रामीण रोजगार सेवक से निर्धारित अवधि में जवाब मांगा है, जबकि उसे वर्तमान पंचायत से बदलने की प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।