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मंडी में त्योहारों पर सिर्फ ग्रीन पटाखों की अनुमति, समय सीमा तय; ऑनलाइन बिक्री पर रोक

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

मंडी जिले में आगामी त्योहारों के दौरान केवल ग्रीन पटाखों के विक्रय और उपयोग की अनुमति होगी, जबकि अन्य सभी प्रकार के पटाखों पर प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने दीपावली, गुरु परब, क्रिसमस और नववर्ष के लिए पटाखे चलाने का समय निर्धारित किया है। ई-कॉमर्स मंचों के माध्यम से पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर और बिक्री की भी अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मंडी/मंडी

राष्ट्रीय हरित अधिकरण और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सचिव पर्यावरण, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं जलवायु परिवर्तन की ओर से पटाखों के विक्रय और उपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिला दंडाधिकारी अपूर्व देवगन के आदेशों के अनुसार वायु प्रदूषण और बच्चों, बुजुर्गों व श्वसन संबंधी रोगों से प्रभावित लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए जिले में केवल हरित पटाखे चलाए जा सकेंगे।

त्योहारों के लिए निर्धारित समय

अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार ने बताया कि दीपावली पर 8 नवंबर, 2026 को रात 8 बजे से 10 बजे तक ग्रीन पटाखे चलाने की अनुमति होगी। गुरु परब पर 24 नवंबर, 2026 को सुबह 4 बजे से 5 बजे और रात 9 बजे से 10 बजे तक पटाखे चलाए जा सकेंगे। क्रिसमस संध्या पर 25 और 26 दिसंबर की मध्यरात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक अनुमति रहेगी।

नववर्ष की पूर्व संध्या पर 31 दिसंबर, 2026 से 1 जनवरी, 2027 की मध्यरात्रि 11:55 बजे से 12:30 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चलाए जा सकेंगे। जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार फ्लिपकार्ट, अमेजन या किसी अन्य ई-कॉमर्स मंच के माध्यम से पटाखों के ऑनलाइन ऑर्डर लेने अथवा बिक्री करने की अनुमति नहीं दी गई है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड चयनित स्थानों पर परिवेशी वायु गुणवत्ता और वायु गुणवत्ता सूचकांक की नियमित निगरानी कर रहा है।

आदेश लागू कराने के निर्देश

पुलिस, नगर निगम, सभी उपमंडल अधिकारियों, उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग और अग्निशमन विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्राधिकार में आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने नागरिकों, विक्रेताओं और संस्थानों से पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य के हित में नियमों का पालन करने की अपील की है। उल्लंघन पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की धारा 15, भारतीय दंड संहिता की धारा 188 और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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