दूध के दाम घटे, पशु आहार महंगा; पशुपालकों ने उचित मूल्य के लिए सौंपा ज्ञापन
*दूध के दाम घटे, पशु आहार महंगा—पशुपालकों ने उचित मूल्य की मांग को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन*
*ऊना/वीरेंद्र बन्याल/हिमाचल नाऊ न्यूज।*
हिमाचल किसान सभा से जुड़े पशुपालकों ने दूध की लगातार घटती कीमतों और पशु आहार के बढ़ते दामों को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। पशुपालकों ने दूध का उचित एवं लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करने की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
पशुपालकों ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में पशु आहार की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है। पशु आहार, दवाइयों और अन्य आवश्यक वस्तुओं के महंगे होने से पशुपालन की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके विपरीत दूध के दाम बढ़ने की बजाय कम हो रहे हैं। इससे पशुपालकों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
ज्ञापन में बताया गया कि वर्ष 2025 में भैंस के फुल फैट दूध का मूल्य करीब 95 रुपये प्रति लीटर था, जबकि वर्तमान में इसका मूल्य घटकर लगभग 90 रुपये प्रति लीटर रह गया है। इसी प्रकार, वर्ष 2025 में 5 फैट वाले गाय के दूध का मूल्य लगभग 51 रुपये प्रति लीटर था, लेकिन वर्तमान में कई दूध संग्रहण केंद्रों पर इसके बदले पशुपालकों को केवल 45 रुपये प्रति लीटर तक का भुगतान किया जा रहा है।
पशुपालकों का कहना है कि जहां एक ओर पशु आहार और पशुपालन से जुड़े अन्य खर्चों में निरंतर वृद्धि हो रही है, वहीं दूध के दामों में कमी से उनकी आय प्रभावित हो रही है। इससे छोटे और मध्यम वर्ग के पशुपालकों के सामने आर्थिक संकट पैदा हो रहा है।
हिमाचल किसान सभा के पशुपालकों ने प्रशासन से मांग की कि बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए दूध का उचित और लाभकारी मूल्य निर्धारित किया जाए तथा दूध संग्रहण केंद्रों पर पशुपालकों को उचित दाम दिलवाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।