Monsoon Alert: 22 अगस्त को छह जिलों में भारी बारिश की संभावना, 98 सड़कें बंद
Monsoon Alert: हिमाचल प्रदेश में 22 अगस्त को बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। सिरमौर, मंडी और सोलन में भी एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण शनिवार शाम तक 98 सड़कें बंद थीं, जबकि 89 बिजली ट्रांसफार्मर और 42 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं।
हिमाचल प्रदेश
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई। इस अवधि में धर्मशाला में 68 मिलीमीटर, नगरोटा सूरियां में 60 मिलीमीटर, कांगड़ा में 51 मिलीमीटर और सुजानपुर टीहरा में 38 मिलीमीटर बारिश हुई। शनिवार को शिमला में दोपहर तक तेज बारिश हुई, जबकि चंबा और हमीरपुर सहित प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश दर्ज की गई।
23 से 26 अगस्त तक कोई चेतावनी नहीं
22 अगस्त को किन्नौर और लाहौल-स्पीति में कुछ स्थानों तथा शेष सभी जिलों में अनेक स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। 23 और 24 अगस्त को किन्नौर और लाहौल-स्पीति में एक-दो स्थानों और अन्य जिलों में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 23 से 26 अगस्त के लिए प्रदेश में कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 23 से 28 अगस्त तक ज्यादातर हिस्सों में बारिश संभव है, लेकिन इस अवधि में भारी बारिश की कोई विशेष चेतावनी नहीं है।
शिमला शहर में 22 और 23 अगस्त को गरज के साथ बारिश तथा 24 अगस्त को हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान शहर का अधिकतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 17 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। आगामी छह दिनों के दौरान राज्य में मानसून की सक्रियता कमजोर रहने की संभावना जताई गई है।
ऊना में सर्वाधिक अधिकतम तापमान
प्रदेश में अधिकतम तापमान ऊना में 33.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान कुकुमसेरी में 11.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शिमला का अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा। कल्पा में अधिकतम तापमान 24.5 और न्यूनतम 15.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि मनाली में अधिकतम तापमान 25.2 और न्यूनतम 19.1 डिग्री सेल्सियस रहा।
बारिश का असर प्रदेश की सड़क, बिजली और पेयजल व्यवस्था पर भी पड़ा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार शनिवार शाम तक बारिश और भूस्खलन के कारण 98 सड़कें बंद थीं। इसके अतिरिक्त 89 बिजली ट्रांसफार्मर और 42 पेयजल योजनाएं प्रभावित रहीं।