निदेशक एमएसएमई अशोक बोले प्रदेश में छोटे उद्योग लगाने को लेकर प्रदर्शनियां बनी है प्रेरणा स्त्रोत
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में चौगान ग्राउंड, नाहन में आयोजित इस मेले में देशभर से आए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री कर रहे हैं।
इस मेले के दौरान, एक दिवसीय नेशनल सेमिनार का आयोजन भी किया गया, जिसमें अजय सोलंकी, विधायक, नाहन विधानसभा क्षेत्र और जिला सिरमौर के उप-आयुक्त उपस्थित रहे। इस दौरान विधायक अजय सोलंकी के द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन भी किया गया। सोलंकी के द्वारा जेल विभाग के द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में कैदियों द्वाराबनए गए उत्पादों की जमकर प्रशंसा भी की गई।
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आयोजित कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में चर्चा की गई और उद्यमियों को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में अशोक कुमार गौतम, भारतीय उद्यम विकास सेवा, सहायक निदेशक ग्रेड-1 एवं कार्यालय प्रमुख, एमएसएमई-विकास कार्यालय सोलन ने कार्यालय के द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं से संबंधित उपस्थित उद्यमियों से की गई विस्तृत चर्चा में उनके संशयों को भी दूर किया गया।
निदेशक एमएसएमई अशोक कुमार ने कहा कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और उन्हें अपने उत्पादों को बाजार में पहुंचाने में मदद करना है। राज्य में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दो प्रदेश स्तरीय व्यापार मेला का आयोजन करवाया जा चुका है । उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में राज्य के 50 से भी ज्यादा सूक्ष्म व लघु उद्यम इस योजना का लाभ उठा चुके हैं।
हिमाचल प्रदेश में 1 लाख 89 हजार से ज्यादा उद्यम पंजीकृत हैं। साथ ही जेड योजना के अंतर्गत राज्य में 1600 कांस्य, 09 रजत एवं 10 स्वर्ण प्रमाण पत्र उद्यमों को दिए जा चुके हैं।उन्होंने कहा कि क्लस्टर योजना के अंतर्गत राज्य में एक क्लस्टर का भी अनुमोदन मंत्रालय के द्वारा किया जा चुका है और साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों के विकास हेतु 60 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किए जा चुके हैं। बड़ी बात तो यह है कि क्लस्टर योजना के तहत परवाणू, ऊना, खदीम और गोंडपुर आदि में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाने हैं।
बता दें कि हाल ही में रैम्प योजना के माध्यम से राज्य में एमएसएमई के संवर्धन व विकास हेतु करीब 109 करोड़ रुपए का अनुमोदन भी भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय द्वारा किया जा चुका है।
जिसमें से पहली किस्त करीब 43 करोड़ राज्य सरकार को दे दी गई है। साथ ही पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत नवंबर माह 2024 में अंतर्राष्ट्रीय लावी मेला रामपुर बुशहर में चार दिवसीय राज्य स्तरीय प्रदर्शनी सह व्यापार मेला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी 12 जिलों के लगभग 48 कारीगर/शिल्प कारों ने इसमें हिस्सा भी लिया है।
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