मानसून से पहले पीडब्ल्यूडी अलर्ट मोड पर, 500 किलोमीटर सड़क नेटवर्क की निगरानी के लिए विशेष तैयारी
मानसून सीजन को देखते हुए लोक निर्माण विभाग नाहन मंडल ने सड़क नेटवर्क को सुचारू बनाए रखने के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। 15 से अधिक मशीनों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है तथा कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर उन्हें अलर्ट मोड पर रखा गया है। विभाग ने संभावित भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की है।
नाहन
पहाड़ी क्षेत्र में मानसून के दौरान सड़कों को सुचारू रखना सबसे बड़ी चुनौती माना जाता है। इसी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग नाहन मंडल ने बरसात के मौसम से निपटने के लिए अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग ने संभावित भूस्खलन, सड़क अवरोध और यातायात बाधित होने जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए मशीनरी और कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा है।लोक निर्माण विभाग नाहन मंडल के अधिशासी अभियंता आलोक जवनेजा ने बताया कि मानसून के दौरान सड़कों को होने वाले नुकसान और यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए 15 से अधिक मशीनों को विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों में तैयार रखा गया है। विभागीय कर्मचारियों के साथ विशेष बैठक आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।
उन्होंने बताया कि नाहन मंडल के अंतर्गत लगभग 500 किलोमीटर सड़क नेटवर्क आता है। बरसात के दौरान किसी भी सड़क पर यातायात लंबे समय तक बाधित न रहे, इसके लिए त्वरित कार्रवाई की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सभी फील्ड कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।अधिशासी अभियंता ने बताया कि मानसून सीजन को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं और उन्हें आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। विभाग की ओर से आपदा जैसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन भी किया जा चुका है।
उन्होंने लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सड़कों के किनारे बहने वाले नालों या जल निकासी मार्गों में अवैध डंपिंग से बरसात के दौरान भारी नुकसान हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा अवैध डंपिंग के कारण लोक निर्माण विभाग की सड़क या अन्य सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।मानसून के दौरान अक्सर भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें प्रभावित होती हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग की यह तैयारी आने वाले बरसाती मौसम में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।