एसपीजी कमांडो से विधायक तक का सफर तय करने वाले नंद लाल का निधन , लवी मेले की गतिविधियां भी स्थगित
रामपुर के विधायक एवं सातवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष नंद लाल के निधन से क्षेत्र में शोक है। उनके सम्मान में अंतरराष्ट्रीय लवी मेले की आज और बुधवार को होने वाली पूर्व निर्धारित गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के बाद उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव देवठी ले जाया जाएगा। वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शिमला/रामपुर बुशहर
प्रशासन ने जताया शोक
उपमंडल प्रशासन रामपुर बुशहर ने नंद लाल के निधन को क्षेत्र और प्रदेश के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। उपमंडलाधिकारी नागरिक हर्ष अमरेंद्र सिंह ने कहा कि नंद लाल सार्वजनिक जीवन में क्षेत्र के विकास और समाज के प्रति समर्पित रहे। उनके कार्यों और योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
प्रशासन ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही परिवारजनों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की। नंद लाल के निधन के चलते अंतरराष्ट्रीय लवी मेले के तहत आज और बुधवार को आयोजित होने वाली पूर्व निर्धारित गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि का कार्यक्रम
ब्लॉक कांग्रेस कमेटी रामपुर बुशहर के अनुसार, नंद लाल का पार्थिव शरीर सुबह 10 बजे शिमला स्थित राजीव भवन में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और आम लोग वहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे।
इसके बाद पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता दोपहर 2 बजे भेरा खंड, बिथल में एकत्रित होंगे। वहां से अंतिम यात्रा रामपुर बुशहर स्थित सर्किट हाउस के लिए रवाना होगी। सर्किट हाउस में दोपहर 3 बजे श्रद्धांजलि कार्यक्रम रखा गया है, जहां क्षेत्रवासी और पार्टीजन उनके सार्वजनिक जीवन को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शाम 5 बजे पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव देवठी ले जाया जाएगा। वहीं अंतिम संस्कार किया जाएगा। रामपुर क्षेत्र में उनके निधन से शोक का माहौल है और अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा सेवाओं से शुरू हुआ सार्वजनिक जीवन
नंद लाल का जन्म रामपुर बुशहर के देवठी गांव में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की और इसके बाद भारत-तिब्बत सीमा पुलिस में सेवाएं दीं। वह कमांडो दल का हिस्सा रहे और बाद में विशेष सुरक्षा समूह में शामिल हुए।
एसपीजी में रहते हुए उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्रियों और पूर्व प्रधानमंत्रियों की सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं। वह सोनिया गांधी की सुरक्षा टीम में भी कमांडो के तौर पर तैनात रहे। जम्मू-कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में उन्होंने आईटीबीपी बटालियन की कमान संभाली। सुरक्षा सेवाओं में उनके योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी और चंद्रशेखर की ओर से भी उन्हें उत्कृष्ट सेवाओं के लिए प्रशंसा पत्र मिले थे।
लगातार चार बार रामपुर से जीते चुनाव
करीब 22 वर्ष तक सुरक्षा सेवाओं में जिम्मेदारी निभाने के बाद नंद लाल ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर चुनावी राजनीति में कदम रखा। कांग्रेस ने उन्हें रामपुर विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया और उन्होंने अपना पहला चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने लगातार तीन चुनाव और जीते तथा चार बार रामपुर का प्रतिनिधित्व किया।
अपने राजनीतिक जीवन में नंद लाल विधानसभा की विभिन्न समितियों में शामिल रहे और मुख्य संसदीय सचिव की जिम्मेदारी भी निभाई। बाद में प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया गया था।
वीरभद्र सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाते थे
रामपुर में नंद लाल की पहचान कांग्रेस के मजबूत स्थानीय नेताओं में थी। उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरभद्र सिंह का करीबी माना जाता था। वीरभद्र सिंह के राजनीतिक प्रभाव वाले रामपुर क्षेत्र में नंद लाल ने कांग्रेस संगठन के साथ अपनी अलग पहचान बनाई और लगातार चार चुनाव जीतकर मतदाताओं का भरोसा कायम रखा।
सुरक्षा बलों में लंबे सेवाकाल के बाद राजनीति में आए नंद लाल ने रामपुर के सार्वजनिक जीवन में कई दशक तक भूमिका निभाई। उनके निधन से क्षेत्र ने एक ऐसे जनप्रतिनिधि को खोया है, जिसने सुरक्षा सेवाओं और राजनीति—दोनों क्षेत्रों में काम किया।