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श्री रेणुकाजी मिनी जू में बाजीराव-मस्तानी के दीदार की तैयारी, वयस्कों के लिए 40 रुपये शुल्क

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 3 Hours Ago • 1 Min Read

श्री रेणुकाजी मिनी चिड़ियाघर में करीब डेढ़ महीने के इंतजार के बाद पर्यटक रॉयल बंगाल टाइगर के जोड़े बाजीराव और मस्तानी को देख सकेंगे। दोनों बाघों के आधुनिक एन्क्लोजर का शुभारंभ मंगलवार दोपहर दो बजे किया जाएगा। टिकट व्यवस्था लागू होने के बाद वयस्क पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 40 रुपये और बच्चों से 20 रुपये शुल्क लिया जाएगा।

श्री रेणुकाजी

वन्य प्राणी विभाग शिमला के डीएफओ डॉ. शाहनवाज अहमद भट ने बताया कि श्री रेणुकाजी के विधायक विनय कुमार मंगलवार को टाइगर एन्क्लोजर का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वह कुब्जा पेवेलियन में जनसभा को संबोधित करेंगे। कार्यक्रम की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभाग के अनुसार, रॉयल बंगाल टाइगर का यह जोड़ा श्री रेणुकाजी मिनी जू में पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा।

करीब 12 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा 20 सितंबर को श्री रेणुकाजी पहुंचा था। दोनों बाघों को महाराष्ट्र के गोरेवाडा, नागपुर स्थित वन्य प्राणी जू से पूरे एस्कॉर्ट के साथ लाया गया। करीब 1900 किलोमीटर का सफर 41 घंटे में पूरा किया गया था। विभाग ने नर बाघ का नाम बाजीराव और मादा बाघ का नाम मस्तानी रखा है।

एन्क्लोजर में आधुनिक सुविधाएं

बाघों के लिए तैयार किए गए आधुनिक एन्क्लोजर में इंडोर शेल्टर, खुला बाहरी क्षेत्र, फीडिंग क्यूबिकल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। इसके साथ वन्यजीव उपचार केंद्र भी बनाया गया है, जहां वन्यजीवों के स्वास्थ्य की जांच, नियमित निगरानी और आपात स्थिति में उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। श्री रेणुकाजी पहले से प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और वन्यजीवों के लिए जाना जाता है। करीब दो दशक तक यहां की लाइन सफारी भी देशभर में प्रसिद्ध रही है।

टिकट व्यवस्था के लिए टेंडर आमंत्रित

डीएफओ के अनुसार, पर्यटकों को टाइगर देखने के लिए निर्धारित शुल्क चुकाना होगा। वन्य प्राणी विभाग ने टिकट व्यवस्था के संचालन के लिए टेंडर आमंत्रित किए हैं, जिन्हें 12 नवंबर को खोला जाएगा। इसके बाद वयस्क पर्यटकों से प्रति व्यक्ति 40 रुपये और बच्चों से 20 रुपये लिए जाएंगे। विभाग को उम्मीद है कि बाजीराव और मस्तानी की मौजूदगी से श्री रेणुकाजी मिनी चिड़ियाघर का आकर्षण बढ़ेगा और पर्यटकों को वन्यजीवों को देखने का नया अवसर मिलेगा।