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NDPS / कांगड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ कर 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

NDPS : चिट्टा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कांगड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पंजाब और चंडीगढ़ सहित कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी के दौरान मादक पदार्थ, उपकरण और वाहन बरामद किए गए हैं।

शिमला

अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई

हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चिट्टा-मुक्त हिमाचल अभियान के तहत कांगड़ा पुलिस ने ऑपरेशन नया सवेरा के अंतर्गत एक अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क कांगड़ा जिले सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय था और इसके माध्यम से चिट्टा की आपूर्ति की जा रही थी। जांच एजेंसियों के अनुसार नेटवर्क का संचालन पंजाब के जालंधर निवासी अभिषेक साहोता द्वारा किया जा रहा था, जिसने कांगड़ा जिले में कई वितरण केंद्र स्थापित किए थे। इन केंद्रों के माध्यम से मादक पदार्थों की आपूर्ति और वितरण की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।

समन्वित छापेमारी और गिरफ्तारियां

मामले की जांच के आधार पर कांगड़ा पुलिस ने हिमाचल प्रदेश, पंजाब और चंडीगढ़ में समन्वित छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज विभिन्न मामलों में कुल 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में नेटवर्क से जुड़े प्रमुख सहयोगी, वितरक, कूरियर और आपूर्तिकर्ता शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अभियान को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया गया, जिसके दौरान नेटवर्क की गतिविधियों और उससे जुड़े व्यक्तियों की पहचान कर कार्रवाई की गई। पांच जून को गौरव साहोता, हनी पुत्र सोमनाथ और हनी कुमार पुत्र ऋषि कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में हनी कुमार की भूमिका नेटवर्क के लिए हेरोइन की आपूर्ति सुनिश्चित करने से जुड़ी पाई गई है।

बरामद सामग्री और दर्ज मामले

अभियान के दौरान पुलिस ने 167.18 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 18 इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा तस्करी में उपयोग किए जा रहे एक मालवाहक वाहन को बरामद किया है। पुलिस के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की जा रही है ताकि नेटवर्क के संचालन और संपर्कों से संबंधित अतिरिक्त जानकारी जुटाई जा सके। इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कुल 23 मामले एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

वित्तीय लेन-देन की जांच

मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े आर्थिक पहलुओं की जांच के दौरान पुलिस को बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जांच में पिछले एक वर्ष के दौरान लगभग 80 लाख रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। इनमें जनवरी 2026 से अब तक करीब 39 लाख रुपये के वित्तीय लेन-देन शामिल बताए गए हैं। पुलिस संबंधित बैंक खातों, लेन-देन के स्रोतों और धन के प्रवाह की जांच कर रही है ताकि नेटवर्क की वित्तीय संरचना और उससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट की जा सके।

उपभोक्ताओं की पहचान और पुनर्वास प्रक्रिया

जांच के दौरान पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े 184 चिट्टा उपभोक्ताओं की पहचान की है। प्रशासन और संबंधित विभागों के सहयोग से इन व्यक्तियों के लिए परामर्श, नशामुक्ति उपचार, पुनर्वास और अनुवर्ती सहायता कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल अवैध तस्करी पर कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि नशे की लत से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास की सुविधाएं उपलब्ध कराना भी है। संबंधित एजेंसियां इन व्यक्तियों की नियमित निगरानी और सहायता की प्रक्रिया भी संचालित कर रही हैं।

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