NDPS / नशा तस्करी पर आर्थिक चोट, सात दुकानों वाले भवन और ट्रैक्टर समेत 74.13 लाख की संपत्ति फ्रीज
NDPS / नूरपुर पुलिस ने मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में वित्तीय जांच के बाद आरोपी से संबंधित 74.12 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी ने पुलिस थाना ज्वाली के आदेश की पुष्टि कर दी है। कार्रवाई में दो मंजिला आवासीय एवं व्यावसायिक परिसर और एक ट्रैक्टर शामिल है। पुलिस का उद्देश्य नशे के अवैध कारोबार से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना है।
कांगड़ा/ज्वाली
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के निर्देशों के अनुरूप हिमाचल प्रदेश पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। पुलिस जिला नूरपुर के प्रवक्ता के अनुसार, अभियान में मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ नशे के अवैध कारोबार से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे जुड़ी संपत्तियों और उन्हें खरीदने में इस्तेमाल धन के स्रोतों की विस्तृत पड़ताल की गई।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना ज्वाली ने 18 सितंबर, 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ(1) के तहत चिह्नित संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश जारी किया था। इस आदेश को पुष्टि के लिए नई दिल्ली स्थित सक्षम प्राधिकारी के पास भेजा गया। इसके बाद 15 अक्तूबर, 2026 को सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, एनडीपीएस एक्ट ने अधिनियम की धारा 68एफ(2) के तहत आदेश पारित कर संपत्तियों को फ्रीज करने की कार्रवाई की पुष्टि कर दी।

भवन और ट्रैक्टर कार्रवाई में शामिल
फ्रीज की गई संपत्तियों में जिला कांगड़ा की ज्वाली तहसील के गांव लभ, डाकघर मकड़ाहन में स्थित दो मंजिला आवासीय भवन-सह-व्यावसायिक परिसर शामिल है। इस परिसर में सात दुकानें हैं और इसका अनुमानित मूल्य लगभग 68.99 लाख रुपये बताया गया है। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2019 में खरीदा गया एचपी-38एफ-6433 पंजीकरण संख्या वाला ट्रैक्टर भी कार्रवाई के दायरे में है। ट्रैक्टर की खरीद कीमत लगभग 5.13 लाख रुपये थी। दोनों संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 74.13 लाख रुपये बताया गया है।
सक्षम प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही के दौरान वर्ष 2019 में ट्रैक्टर खरीदने के लिए इस्तेमाल धन का स्रोत प्रमाणित करने वाले पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। इनमें आयकर रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और अन्य सहायक अभिलेख शामिल थे। वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक प्रस्तुत आयकर रिटर्न को भी वर्ष 2019 की खरीद के लिए धनराशि का स्रोत साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माना गया। इसके परिणामस्वरूप ट्रैक्टर को फ्रीज करने की कार्रवाई की भी पुष्टि की गई।
अब तक 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कार्रवाई
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी के खिलाफ व्यापक रणनीति के तहत काम कर रहा है। इसमें बरामदगी और गिरफ्तारी के साथ वित्तीय जांच तथा अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी शामिल है। अभियान के तहत सक्षम प्राधिकारी की पुष्टि के बाद अब तक लगभग 30.70 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि आर्थिक संसाधनों पर कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबार को संचालित करने वाले नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिलती है।
पुलिस ने आम जनता से नशा तस्करी, मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और वितरण से संबंधित जानकारी साझा करने की अपील की है। इसके साथ ही ऐसी गतिविधियों से अर्जित धन से खरीदी गई संदिग्ध संपत्तियों के बारे में भी पुलिस को सूचित करने को कहा गया है। प्रवक्ता के अनुसार, नशा तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने और नशामुक्त समाज के साझा लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनसहयोग आवश्यक है।