NDPS / नूरपुर में कार से 1.345 किलोग्राम चरस बरामद, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
NDPS : नूरपुर में सीआईए टीम ने नाकाबंदी के दौरान एक कार से 1.345 किलोग्राम चरस बरामद कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर बरामद मादक पदार्थ के स्रोत और संभावित नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
धर्मशाला
नाकाबंदी के दौरान कार की तलाशी में मिली चरस
नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस जिला नूरपुर की सीआईए टीम ने हरड़ पुल के समीप कार्रवाई करते हुए एक कार से 1.345 किलोग्राम चरस बरामद की है। पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना के आधार पर टीम क्षेत्र में तैनात थी। इसी दौरान सड़क किनारे खड़ी एक संदिग्ध ऑल्टो कार (एचपी 40ए-7048) को जांच के दायरे में लिया गया। स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में वाहन की नियमानुसार तलाशी ली गई, जिसमें चालक सीट के नीचे छिपाकर रखा गया एक काला प्लास्टिक का लिफाफा बरामद हुआ।
दो आरोपियों को मौके से लिया गया हिरासत में
पुलिस द्वारा बरामद लिफाफे की जांच करने पर उसमें से कुल 1.345 किलोग्राम चरस बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने मादक पदार्थ को कब्जे में लेकर वाहन को जब्त कर लिया तथा मौके पर मौजूद दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान अश्वनी कुमार (38) पुत्र प्रकाश चंद निवासी गांव भाली, तहसील जवाली, जिला कांगड़ा तथा सुनील राणा उर्फ ईशु (29) पुत्र जगरूप सिंह निवासी गांव सहवां, तहसील शाहपुर, जिला कांगड़ा के रूप में हुई है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
एसपी नूरपुर कुलभूषण वर्मा ने बताया कि बरामदगी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना नूरपुर में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद चरस कहां से लाई गई थी तथा इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।
सप्लाई नेटवर्क की भी की जा रही जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की आगामी जांच में मादक पदार्थ की सप्लाई चेन, संभावित संपर्कों तथा इससे जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जाएगी। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं। पुलिस ने कहा है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।