नीट पेपर लीक मामले में सभी जिम्मेदारों के नाम सार्वजनिक हों, दोषियों पर हो कार्रवाई : विनय कुमार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने नीट पेपर लीक मामले में सभी जिम्मेदार लोगों के नाम सार्वजनिक कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले की निष्पक्ष जांच पूरी कर दोषियों पर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए तथा युवाओं के हितों की रक्षा आवश्यक है।
शिमला
नीट पेपर लीक मामले में कार्रवाई की मांग
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में सभी जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई जारी रहनी चाहिए। उनके अनुसार जांच पूरी कर सभी संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए तथा कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता बनाए रखना और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना आवश्यक है।
भाजपा के बयान पर दी प्रतिक्रिया
विनय कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा आयोजित कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा प्रणाली को निष्पक्ष बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर जवाबदेही आवश्यक है।
हमीरपुर कर्मचारी चयन बोर्ड का किया उल्लेख
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग से जुड़े भर्ती मामलों की जांच के बाद वर्तमान सरकार ने आयोग को भंग किया और संबंधित मामलों में कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का दावा है कि वर्तमान कार्यकाल में भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कई प्रशासनिक सुधार किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा प्रणाली में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों का किया उल्लेख
विनय कुमार ने कहा कि युवाओं के भविष्य, रोजगार के अवसरों और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता जैसे विषयों पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को इन मुद्दों पर रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाना चाहिए और निष्कर्ष आने के बाद कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।