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NEET UG: वेटरनेरी दाखिले के लिए अनिवार्यता का आदेश हिमाचल हाईकोर्ट ने किया रद्द

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 7 Hours Ago • 1 Min Read

NEET UG: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने बैचलर ऑफ वेटरनेरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री में दाखिले के लिए नीट-यूजी की मेरिट अनिवार्य करने वाला आदेश रद्द कर दिया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने मंडी की निजी अभिलाषी यूनिवर्सिटी को अपनी कॉमन एंट्रेंस परीक्षा आयोजित करने की अनुमति देते हुए प्रवेश प्रक्रिया 30 सितंबर से पहले पूरी करने का निर्देश दिया है।

शिमला

छात्रों के शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए अदालत ने अभिलाषी यूनिवर्सिटी को अगले 10 दिनों के भीतर प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की छूट दी है। परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विश्वविद्यालय को 14 दिनों के भीतर प्रथम, द्वितीय और मॉप-अप राउंड की काउंसिलिंग पूरी करनी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि परीक्षा से लेकर काउंसिलिंग तक दाखिले की पूरी प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर संपन्न की जाए।

वेटरनेरी काउंसिल के निर्देशों से शुरू हुआ था विवाद

यह विवाद वेटरनेरी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से जारी पत्रों और सार्वजनिक सूचनाओं के बाद शुरू हुआ था। काउंसिल ने राज्य सरकार और विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया था कि वेटरनेरी कॉलेजों में दाखिले केवल नीट-यूजी की मेरिट सूची और केंद्रीकृत काउंसिलिंग के माध्यम से किए जाएं। अभिलाषी यूनिवर्सिटी ने इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए अपनी प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिले की अनुमति मांगी थी।

यूनिवर्सिटी ने अदालत में तर्क दिया कि वेटरनेरी काउंसिल के नियमों के अनुसार यदि राज्य या काउंसिल कोई केंद्रीय परीक्षा आयोजित नहीं कर रही है तो विश्वविद्यालय को अपनी प्रवेश परीक्षा के माध्यम से 80 सीटों पर दाखिला देने का कानूनी अधिकार है। अदालत ने कहा कि मिनिमम स्टैंडर्ड्स ऑफ वेटरनरी एजुकेशन रेगुलेशन, 2016 के नियम 7(1) में प्रवेश परीक्षा का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

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