Loading...

नेपाल बाढ़ में 17 की मौत, 105 भारतीयों समेत सैकड़ों लापता; बिहार-यूपी में अलर्ट

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 4 Hours Ago • 1 Min Read

नेपाल के रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में अचानक आई बाढ़ से 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 105 भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं। पानी के तेज बहाव से कई गांवों, सड़कों और जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। आपदा के बाद नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, बिहार और उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से सटे जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को अलर्ट किया गया है।

काठमांडू

नेपाल टूरिज्म बोर्ड के अनुसार, रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ तथा भूस्खलन के बाद 384 से अधिक लोग लापता हैं। इनमें 291 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली नागरिक शामिल बताए गए हैं। लापता विदेशी यात्रियों में 105 भारतीय नागरिक, 37 एनआरआई और अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया तथा नीदरलैंड्स के नागरिक शामिल हैं। टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात नौ पुलिसकर्मियों के भी लापता होने की सूचना है।

बाढ़ की चपेट में आने से रसुवा की एक प्रमुख जलविद्युत परियोजना पूरी तरह तबाह हो गई, जबकि धाडिंग और नुवाकोट में कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के सांसदों से बातचीत कर नुकसान, नदी किनारे की बस्तियों की स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की। नेपाल सरकार ने बचाव अभियान के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं, लेकिन टिमुरे का हेलीपैड बहने से राहत टीमों को उतरने में परेशानी हो रही है।

भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर जारी

नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने आपातकालीन सहायता के लिए 1234, 1144 और 9851289445 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता और जानकारी के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 नंबर जारी किए हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, रसुवा में पिछले 24 घंटे के दौरान केवल सात मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस कारण बाढ़ के पीछे स्थानीय बारिश के बजाय तिब्बत के ऊपरी क्षेत्र में किसी ग्लेशियल झील के फटने की आशंका जताई जा रही है।

बिहार के आठ जिलों में हाई अलर्ट

त्रिशूली और गंडक जलग्रहण क्षेत्रों में जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद बिहार के आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में तीन मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की चेतावनी दी है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर में हाई अलर्ट जारी किया गया है। जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज के सभी फाटक खोलने और नहरों में पानी प्रवाहित करने का निर्देश दिया है। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ की टीमों को तैनात या स्टैंडबाय पर रखा गया है।

जिलाधिकारियों को निचले इलाकों से लोगों को निकालने के साथ सामुदायिक रसोई और राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ को भी तैयार किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश में नदियों की निगरानी बढ़ी

नेपाल की नदियों में आए उफान को देखते हुए उत्तर प्रदेश के महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में रोहिन, गंडक और अन्य सहायक नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। नेपाल सीमा से लगे निचले क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के साथ ग्रामीणों को नदियों के पास नहीं जाने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महराजगंज और कुशीनगर में गंडक तथा नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका के बीच स्थानीय प्रशासन को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में बाढ़ से हुई मौतों पर दुख जताते हुए राहत और बचाव कार्यों में भारत की ओर से मदद की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और दोनों देशों की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

Related Topics: