एनएसएस स्वयंसेवियों को सामाजिक सेवा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए किया प्रेरित
उप मंडल अम्ब के अंतर्गत आने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला रपोह मिसरां में आयोजित सात दिवसीय एनएसएस शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय एनएसएस स्वयंसेवी अनु बाला ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और स्वयंसेवियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें सामाजिक सेवा के साथ-साथ विभिन्न रचनात्मक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
ऊना/अम्ब/वीरेंद्र बन्याल
अनु बाला ने स्वयंसेवियों को एनएसएस के माध्यम से जिला, राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों में समाज सेवा की भावना विकसित करने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। एनएसएस के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जरूरतमंदों की सहायता करने का अवसर मिलता है।
उन्होंने स्वयंसेवियों से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सहयोग और टीम भावना को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनएसएस विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा को विभिन्न मंचों पर प्रदर्शित करने तथा नए अनुभव हासिल करने का बेहतर अवसर प्रदान करता है। ऐसे शिविर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें जिम्मेदार एवं संवेदनशील नागरिक बनाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
शिविर के दौरान मुख्य अतिथि के मार्गदर्शन में स्वयंसेवियों ने मार्चपास्ट का अभ्यास भी किया। स्वयंसेवियों ने पूरे अनुशासन, उत्साह और एकजुटता के साथ मार्चपास्ट की विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। इस दौरान स्वयंसेवियों में टीम भावना और अनुशासन का विशेष उत्साह देखने को मिला।
एनएसएस इकाई रपोह मिसरां के कार्यक्रम अधिकारी मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि सात दिवसीय शिविर के दौरान स्वयंसेवियों को सामाजिक सेवा, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, पर्यावरण संरक्षण तथा सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिविर के माध्यम से विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास करवाने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।