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परीक्षा सुधारों और पेपर लीक रोकने के उपायों पर भाजयुमो हिमाचल ने केंद्र सरकार के निर्णयों का किया समर्थन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

केंद्र सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, पेपर लीक पर रोक लगाने और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में संस्थागत सुधारों को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा, हिमाचल प्रदेश ने अपनी प्रतिक्रिया जारी की। प्रदेशाध्यक्ष सन्नी शुक्ला ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए उठाए गए कानूनी तथा प्रशासनिक कदम प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को मजबूत करने और अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

शिमला

प्रेस विज्ञप्ति पर प्रतिक्रिया

भारतीय जनता युवा मोर्चा, हिमाचल प्रदेश के प्रदेशाध्यक्ष सन्नी शुक्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम को प्रभावी बनाने, पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कानूनी प्रावधान लागू करने तथा राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में किए जा रहे संस्थागत सुधारों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाना है ताकि अभ्यर्थियों की मेहनत और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे। उनके अनुसार सरकार परीक्षा संचालन में जवाबदेही बढ़ाने और अनियमितताओं पर नियंत्रण के लिए कानूनी एवं तकनीकी दोनों स्तरों पर कार्य कर रही है।

पेपर लीक रोकने के लिए कानूनी और तकनीकी उपाय

सन्नी शुक्ला ने कहा कि देशभर में लाखों विद्यार्थी वर्षों तक विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करती हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अधिनियम के माध्यम से परीक्षा से जुड़ी अनियमितताओं पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया है। उनके अनुसार कानून का उद्देश्य केवल दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही तथा तकनीकी सुरक्षा को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में संस्थागत सुधार

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में परीक्षा संचालन प्रणाली की समीक्षा, सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने, प्रशासनिक सुधार लागू करने तथा जिम्मेदारी तय करने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार आधुनिक तकनीक के उपयोग, परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी, सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और संस्थागत जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाना है ताकि भविष्य में भर्ती और प्रवेश परीक्षाएं पारदर्शी ढंग से आयोजित हो सकें।

विपक्ष की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया

प्रेस विज्ञप्ति में सन्नी शुक्ला ने कहा कि परीक्षा सुधारों के मुद्दे पर कुछ विपक्षी दल राजनीतिक बयान दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विभिन्न राज्यों में पूर्व में भर्ती परीक्षाओं से जुड़े पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए, जिनके कारण कई परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करना पड़ा और नियुक्ति प्रक्रियाएं प्रभावित हुईं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली से जुड़े विषयों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय रचनात्मक सुझावों और सुधारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि विद्यार्थियों के हित सुरक्षित रह सकें।

युवाओं के लिए संदेश

प्रदेशाध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश के युवाओं से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पूरी लगन के साथ जारी रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए किए जा रहे सुधारों का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा युवाओं के हितों से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ खड़े हैं तथा निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है।

भाजयुमो का आधिकारिक पक्ष

सन्नी शुक्ला ने कहा कि भारतीय जनता युवा मोर्चा, हिमाचल प्रदेश केंद्र सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए उठाए गए कदमों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना तथा रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी विभिन्न पहलों के साथ परीक्षा प्रणाली में किए जा रहे सुधार युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया को मजबूत करना भविष्य में भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।