पीएम श्री स्कूलों के उत्कृष्ट विद्यार्थियों ने अयोध्या में समझी सांस्कृतिक विरासत
*सभ्यता और संस्कृति से परिचित होना बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक : प्रवीण*
*ऊना/वीरेंद्र बन्याल/हिमाचल नाऊ न्यूज।*
विद्यार्थियों को अपनी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक विरासत से परिचित करवाना उनके सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य को सार्थक करते हुए पीएम श्री विद्यालयों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अपने अध्यापकों के साथ पावन धार्मिक नगरी अयोध्या स्थित श्री राम धाम के दर्शन एवं शैक्षिक एक्सपोजर विजिट का अवसर प्राप्त हुआ।
इस शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण में हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर जिलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी आदित्य, कृति, वरुण, सविता, सानिया, श्वेता, उत्कर्ष, अपूर्वा, महिमा सहित अन्य विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अयोध्या पहुंचने पर विद्यार्थियों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ श्री राम धाम का भ्रमण किया तथा भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत को करीब से जानने का अवसर प्राप्त किया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और आदर्श जीवन-मूल्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने अयोध्या की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समझते हुए इस यात्रा को अपने लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक अनुभव बताया।
इस अवसर पर शिक्षिका प्रवीण ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के शैक्षिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण अत्यंत उपयोगी साबित होते हैं। किताबों के माध्यम से प्राप्त ज्ञान के साथ जब बच्चों को ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को प्रत्यक्ष देखने का अवसर मिलता है तो उनके ज्ञान का दायरा और व्यापक होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के लिए भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाने चाहिए, ताकि विद्यार्थी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझें और उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में अच्छे संस्कार एवं आदर्श अपनाएं।
इस बहुमूल्य एक्सपोजर विजिट के लिए हरदीप, माया, अनुराधा, कुलदीप, केवल, प्रवीण, नीलाक्षी, वीना, सुमन सहित सभी विद्यार्थियों ने शिक्षा विभाग एवं प्रशासन का हार्दिक आभार व्यक्त किया। विद्यार्थियों ने कहा कि अयोध्या की यह यात्रा उनके लिए केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और जीवन-मूल्यों को समझने का यादगार अवसर रही।