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हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम और राष्ट्रीय गान पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, जमकर नारेबाजी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। विधानसभा परिसर में दोनों पक्षों के विधायकों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। प्रश्नकाल के बाद सदन के भीतर भी मामला गरमा गया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री से माफी की मांग की, जबकि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा विधायक दल पर राष्ट्रीय गान के अपमान का आरोप लगाया। हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बजे तक स्थगित कर दी गई।

शिमला

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय गीत का अपमान कांग्रेस के राष्ट्रीय कार्यालय में हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जो बात सदन के भीतर हुई ही नहीं, उसके बारे में बयान देने के लिए मुख्यमंत्री को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने संबंधित क्लिपिंग सदन में दिखाने की मांग भी की। जयराम ठाकुर के अनुसार, भाजपा के सभी विधायक सावधान की मुद्रा में खड़े थे और इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय गीत नहीं गाए जाने का मुद्दा उठाया।

Politics: हिमाचल विधानसभा में वंदे मातरम पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने, जमकर नारेबाजी

वर्ष 1937 के निर्णय का किया उल्लेख

जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1937 में कांग्रेस ने एक समुदाय की आपत्ति के कारण वंदे मातरम को पूरा नहीं गाने का निर्णय लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी तरह की सोच के कारण देश का विभाजन भी हुआ। नेता प्रतिपक्ष ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से अपना पक्ष स्पष्ट करने और माफी मांगने को कहा। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी रहे तथा सदन का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायक दल पर लगाया आरोप

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत दोनों कांग्रेस की देन हैं तथा इनके पीछे देश के लिए बलिदान देने वालों का इतिहास है। उन्होंने कहा कि ये किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश के हैं। मुख्यमंत्री ने सदन में भाजपा विधायक दल के व्यवहार को राष्ट्रीय गान का अपमान बताया। भाजपा विधायकों के हंगामे के दौरान मुख्यमंत्री ने भी सदन के भीतर नारे लगाए। विपक्ष की आपत्ति पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गान और राष्ट्रीय गीत का अपमान होगा तो नारे भी लगेंगे। इसके बाद दोनों पक्षों की नारेबाजी के बीच बैठक स्थगित कर दी गई।

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