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Politics / तीनों जिला परिषद वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत पर कांग्रेस नेतृत्व पर साधा निशाना

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 7 Hours Ago • 1 Min Read

Politics : रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के संगड़ाह विकास खंड के तीनों जिला परिषद वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। नेताओं ने संस्थान बंद करने, अधूरी गारंटियों और चुनावी वादों को जनता की नाराजगी का कारण बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग की।

संगड़ाह

रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत संगड़ाह विकास खंड से संबंधित तीनों जिला परिषद वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं ने चुनाव परिणामों को कांग्रेस सरकार की नीतियों के प्रति जनता की नाराजगी का संकेत बताया।भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रताप तोमर, मंडल पदाधिकारी विजेंद्र शर्मा तथा अन्य नेताओं ने जारी बयान में कहा कि नौहरा, घाटों और ददाहू जिला परिषद वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बड़ी बढ़त के साथ जीत मिली है। उनके अनुसार नौहरा वार्ड से हंसराज, घाटों वार्ड से अंकिता ठाकुर तथा ददाहू वार्ड से शिवानी ने उल्लेखनीय अंतर से जीत दर्ज की है।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि संगड़ाह विकास खंड में पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को अच्छा समर्थन मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत समिति अध्यक्ष पद के गठन को लेकर निर्वाचित सदस्यों पर दबाव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।भाजपा नेताओं ने कहा कि क्षेत्र में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता कार्यालय सहित हरिपुरधार अस्पताल जैसे संस्थानों को बंद किए जाने से लोगों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर चुनावी वादों और गारंटियों को पूरा न करने का भी आरोप लगाया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि चुनाव परिणामों का राजनीतिक विश्लेषण किया जाना चाहिए तथा जनता के संदेश को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से चुनावी नतीजों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करने की मांग भी उठाई।उधर, कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। चुनाव परिणामों के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और पंचायत समिति तथा अन्य स्थानीय निकायों के गठन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

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