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टैक्सी ऑपरेटरों के प्रदर्शन पर भाजपा का हमला, 12 साल की परमिट सीमा को बताया अव्यावहारिक

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 35 Mins Ago • 1 Min Read

Politics: शिमला के चौड़ा मैदान में टैक्सी ऑपरेटरों के प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय शर्मा ने कांग्रेस सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने व्यावसायिक वाहनों की परमिट अवधि 12 वर्ष तक सीमित करने के फैसले को अव्यावहारिक बताते हुए मांग की कि वाहन की उम्र के बजाय उसकी वास्तविक फिटनेस और निर्धारित सुरक्षा मानकों को आधार बनाया जाए। उनका कहना है कि इस निर्णय से टैक्सी चालकों और ऑपरेटरों के सामने आजीविका का संकट बढ़ सकता है।

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विनय शर्मा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में टैक्सी व्यवसाय हजारों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन है। उनके अनुसार टैक्सी ऑपरेटर पहले से टैक्स, बीमा, वाहन की किस्त, ईंधन और रखरखाव जैसे खर्चों का बोझ उठा रहे हैं। ऐसे में पूरी तरह फिट वाहन को केवल निर्धारित आयु पूरी होने के कारण व्यवसाय से बाहर करना ऑपरेटरों की आर्थिक परेशानी बढ़ाने वाला कदम होगा। उन्होंने सरकार से इस नीति के व्यावहारिक प्रभावों पर विचार करने की मांग की।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने सरकार पर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए कहा कि उसे टैक्सी ऑपरेटरों के वाहनों की फिटनेस तय करने से पहले अपनी कार्यप्रणाली और जनहित के प्रति जवाबदेही पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि टैक्सी ऑपरेटरों ने पासिंग व्यवस्था और जीपीएस से जुड़े अतिरिक्त खर्च सहित कई व्यावहारिक समस्याएं सरकार के सामने रखी हैं। विनय शर्मा ने कहा कि सरकार को टकराव के बजाय टैक्सी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ तत्काल बैठक कर उनकी समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए।

विनय शर्मा ने कहा कि व्यावसायिक वाहनों के परमिट पर निर्णय लेते समय वाहन की आयु के साथ अधिकृत फिटनेस जांच, उसकी वास्तविक स्थिति और निर्धारित सुरक्षा मानकों को भी आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने 12 वर्ष की सीमा पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि तकनीकी रूप से फिट वाहन को केवल उम्र के आधार पर संचालन से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा टैक्सी ऑपरेटरों की न्यायसंगत मांगों और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर उनके साथ खड़ी है।

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