शिमला, 27 फरवरी 2025।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में छोटे शिल्पकारों, कारीगरों और व्यवसायियों को आर्थिक मजबूती मिल रही है। योजना के तहत 1 लाख से 3 लाख तक के सस्ते ब्याज दर पर लोन दिया जा रहा है, जिससे कई लोग स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
क्या है प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना?
- शुरुआत: 17 सितंबर 2023 (विश्वकर्मा दिवस)
- लाभार्थी: शिल्पकार, कारीगर और छोटे व्यवसायी
- लोन राशि:
- पहले चरण में 1 लाख रु.
- सफल पुनर्भुगतान पर 2 लाख रु. अतिरिक्त लोन
- ब्याज दर: केवल 5% (सरकार 8% ब्याज सब्सिडी देती है)
- फ्री टूल किट: 18 ट्रेड से जुड़े कारीगरों को ₹15,000 मूल्य की टूल किट दी जाती है
किन 18 ट्रेड को मिल रहा है लाभ?
इस योजना के अंतर्गत लोहार, सोनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, टॉय मेकर, धोबी, दर्जी, माला बनाने वाले, मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले सहित 18 ट्रेड को शामिल किया गया है।
हिमाचल में योजना का प्रभाव
- प्रदेश में अब तक 1 लाख से अधिक आवेदन टूल किट के लिए आ चुके हैं।
- 40,000 से अधिक लोग क्रेडिट के लिए आवेदन कर चुके हैं।
- बैंकों के माध्यम से लोन का वितरण किया जा रहा है।
जागरूकता अभियान और सरकार का प्रयास
सरकार अलग-अलग जिलों में जागरूकता कैंप आयोजित कर रही है। हाल ही में गैटी थिएटर, शिमला में विशेष कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
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बैंकों की अपील
बैंक अधिकारियों के अनुसार लोग टूल किट तो ले रहे हैं, लेकिन क्रेडिट लेने में संकोच कर रहे हैं। जबकि बाजार से महंगा कर्ज लेने की बजाय इस योजना के तहत सस्ता लोन लेना अधिक लाभकारी है।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से हिमाचल में शिल्पकारों और छोटे व्यवसायियों को बड़ा सहारा मिला है। सरकार का प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोग इस योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनें।
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