Property Seized / शिमला पुलिस ने एनडीपीएस के दो मामलों में लगभग 70 लाख रुपये की संपत्तियां फ्रीज, वित्तीय जांच जारी
Property Seized : शिमला पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के दो मामलों में लगभग 70 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज करने की कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वित्तीय जांच के आधार पर की गई है और मामलों की जांच आगे भी जारी रहेगी।
शिमला
दो मामलों में संपत्तियां फ्रीज करने की कार्रवाई
हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी से जुड़े मामलों की जांच के तहत शिमला पुलिस ने रामपुर उपमंडल के दो अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में लगभग 70 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की हैं। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई वित्तीय जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति विवरण और अन्य तथ्यों के आधार पर की गई है। दोनों मामलों में आरोपियों की आय, संपत्ति अर्जन और लेनदेन की जांच अलग-अलग स्तर पर की गई, जिसके बाद संबंधित संपत्तियों को चिन्हित कर कानूनी प्रक्रिया के तहत फ्रीज किया गया।
पहले मामले में कई आरोपियों की जांच
पहला मामला 11 फरवरी 2025 को पुलिस थाना रामपुर में दर्ज एफआईआर से संबंधित है। पुलिस के अनुसार डिटेक्शन सेल रामपुर ने खुफिया सूचना के आधार पर किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र निवासी साहिल के कब्जे से लगभग छह ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की थी। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने कथित ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पांच अन्य आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस अधिनियम की धारा 29 के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि इस मामले में केवल बरामदगी तक जांच सीमित नहीं रही, बल्कि सप्लाई चेन, वित्तीय लेनदेन और संपत्ति अर्जन के स्रोतों की भी पड़ताल की गई।
वित्तीय जांच में 32 लाख रुपये की संपत्तियां चिन्हित
पुलिस के अनुसार मामले की वित्तीय जांच के दौरान तीन आरोपियों से संबंधित लगभग 32 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां चिन्हित की गईं। इनमें लग्जरी वाहन, 44.1 ग्राम सोना तथा अन्य संपत्तियां शामिल हैं। जांच में यह भी देखा गया कि इन संपत्तियों के अर्जन के लिए उपलब्ध आय के वैध स्रोतों का कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर इन संपत्तियों को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत फ्रीज किया गया है। विभाग के अनुसार यह कार्रवाई एनडीपीएस मामलों में आर्थिक लाभ के स्रोतों को चिन्हित करने और अवैध संपत्ति पर रोक लगाने की प्रक्रिया का हिस्सा है।
दूसरे मामले में 38 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां फ्रीज
दूसरा मामला रामपुर क्षेत्र के चेतन चौहान से संबंधित है। पुलिस के अनुसार उसके विरुद्ध पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के तहत दो मामले दर्ज थे। इसके बाद पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी होने पर उसे 25 अप्रैल 2026 को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में वह जिला उपकारागार कैथू में निरुद्ध है। गिरफ्तारी के बाद उसकी वित्तीय गतिविधियों, बैंक खातों, वाहन स्वामित्व और अन्य संपत्ति रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच के दौरान उसके नाम से संबंधित लगभग 38 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियां चिन्हित की गईं, जिनमें एक ट्रक, एक कार, 74 ग्राम सोना, बैंक खाते और अन्य वित्तीय संपत्तियां शामिल हैं। इन संपत्तियों को भी फ्रीज किया गया है।
एसएसपी ने दी जांच की जानकारी
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में वित्तीय जांच के आधार पर चार मामलों में छह आरोपियों से संबंधित कुल 1.83 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी से जुड़े मामलों में वित्तीय जांच, संपत्ति चिन्हांकन और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार ऐसे मामलों में केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों की पहचान और जब्ती भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।