Pulse Polio / 28 जून को आयोजित होगा पल्स पोलियो अभियान, तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न
Pulse Polio : हिमाचल प्रदेश में 28 जून 2026 को पल्स पोलियो अभियान आयोजित किया जाएगा। अभियान की तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय प्रतिरक्षण कार्यबल समिति की बैठक में विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों, बूथ प्रबंधन, वैक्सीन आपूर्ति, मानव संसाधन उपलब्धता, निगरानी व्यवस्था और जनजागरूकता गतिविधियों की समीक्षा की गई।
शिमला
अभियान की तैयारियों की हुई समीक्षा
प्रदेश में 28 जून को आयोजित होने वाले पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों को लेकर राज्य स्तरीय प्रतिरक्षण कार्यबल समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी ने की। बैठक में अभियान के संचालन से जुड़े विभिन्न विभागों की भूमिका, बूथ प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था, मानव संसाधन की उपलब्धता और पात्र बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषयों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने अभियान के लिए निर्धारित कार्ययोजना की समीक्षा भी की।
जिलों को उपलब्ध करवाई गई वैक्सीन
बैठक में जानकारी दी गई कि पल्स पोलियो अभियान के लिए आवश्यक वैक्सीन प्रदेश के सभी जिलों को उपलब्ध करवा दी गई है। इसके साथ ही बूथ दिवस पर दवा वितरण, भंडारण, परिवहन और निगरानी से संबंधित व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं। अभियान के दौरान किसी भी पात्र बच्चे के छूटने की स्थिति न बने, इसके लिए जिला स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विभागों को दिए गए समन्वय के निर्देश
स्वास्थ्य सचिव ने अभियान के सफल संचालन के लिए सभी संबंधित विभागों से समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने पात्र बच्चों तक पहुंच बनाने, पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध करवाने, बूथ गतिविधियों के प्रभावी संचालन, घर-घर जागरूकता और सत्यापन कार्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान बूथ स्तर पर तैनाती, पर्यवेक्षण और रिपोर्टिंग व्यवस्था समय पर पूरी की जानी चाहिए।
औद्योगिक इकाइयों और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी पर जोर
बैठक में औद्योगिक इकाइयों से अपने कर्मचारियों और श्रमिकों को अभियान की जानकारी उपलब्ध करवाने पर बल दिया गया। इसके अलावा महिला मंडलों, स्थानीय संस्थाओं और क्षेत्रीय कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि अभियान की जानकारी अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर सूचना प्रसार और समन्वय आवश्यक है।
पोलियो उन्मूलन की स्थिति पर दी गई जानकारी
बैठक के दौरान बताया गया कि भारत में वाइल्ड पोलियो वायरस का अंतिम मामला वर्ष 2011 में दर्ज किया गया था। हिमाचल प्रदेश में वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप-3 का अंतिम मामला वर्ष 2009 में सोलन जिले में तथा टाइप-1 का अंतिम मामला वर्ष 2006 में कुल्लू जिले में दर्ज किया गया था। अधिकारियों ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए अभियान की निरंतरता और निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया।
उच्च प्रतिरक्षण कवरेज बनाए रखने पर जोर
स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि पोलियो उन्मूलन की उपलब्धि को बनाए रखने के लिए निरंतर सतर्कता और उच्च प्रतिरक्षण कवरेज आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाने का आग्रह किया। बैठक में यह भी कहा गया कि अभियान के दौरान बूथ गतिविधियों, सत्यापन और निगरानी की नियमित समीक्षा की जाएगी।