राहुल-प्रियंका की हिरासत के विरोध में शिमला में कांग्रेस का प्रदर्शन, सुक्खू ने केंद्र को घेरा
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत विपक्षी नेताओं को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस ने शिमला स्थित लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र में आवाज उठाने के अधिकार से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने बृहस्पतिवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में धरना-प्रदर्शन करने का एलान भी किया।
शिमला
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी करीब 300 सांसदों के साथ मार्च करते हुए अपनी बात रखने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाई से असहमति की आवाज दबाने का सवाल खड़ा होता है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी की राजनीतिक पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि पूर्व प्रधानमंत्री के बेटे और पोते को अपनी बात रखने के लिए सड़कों पर क्यों उतरना पड़ रहा है।
सुक्खू ने राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों पर जवाब मांग रही है। ये आरोप कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से लगाए जा रहे हैं। शिमला में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दिल्ली की कार्रवाई का विरोध किया। लोकभवन के बाहर प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी।
दिल्ली में मार्च के दौरान शुरू हुआ विवाद
छह अक्तूबर को INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग की ओर मार्च किया था। विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने मार्च को निर्वाचन आयोग कार्यालय के पास रोक दिया, जिसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में धरने पर बैठ गए। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
दिल्ली की घटना के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य लोगों के खिलाफ आकाशवाणी भवन परिसर में कथित रूप से बिना अनुमति प्रवेश करने को लेकर शिकायत और एफआईआर की कार्रवाई भी सामने आई है। कांग्रेस ने इसे विपक्ष की आवाज से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस की ओर से प्रदर्शन और परिसर में प्रवेश के संबंध में कानून-व्यवस्था के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे आगे भी उठाती रहेगी।