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शिमला में 2026 सेब सीजन के लिए ढुलाई दरें निर्धारित, तय शुल्क से अधिक वसूली पर होगी कानूनी कार्रवाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

शिमला जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 के सेब सीजन के लिए ट्रक, मिनी ट्रक, पिक-अप और आयशर वाहनों की परिवहन दरें अधिसूचित कर दी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूलने वाले परिवहन ऑपरेटरों और यूनियनों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शिमला

सेब सीजन के लिए परिवहन शुल्क की अधिसूचना जारी

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में सेब सीजन के दौरान परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने वर्ष 2026 के लिए सेब ढुलाई की दरें निर्धारित कर दी हैं। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार ट्रक, मिनी ट्रक, पिक-अप तथा आयशर (टाटा 407) वाहनों के लिए परिवहन शुल्क वजन और दूरी के आधार पर तय किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य सेब उत्पादकों के लिए निर्धारित दरों के अनुरूप परिवहन सुविधा सुनिश्चित करना तथा ढुलाई प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है।

दिल्ली, चंडीगढ़ और स्थानीय रूट के लिए अलग-अलग दरें तय

अधिसूचना के अनुसार दिल्ली तक ट्रक और अन्य बड़े वाहनों के लिए ढुलाई दर 95 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल निर्धारित की गई है। चंडीगढ़ तक यही दर 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल तय की गई है। चार पहिया पिक-अप वाहनों के लिए 20 किलोमीटर तक की दूरी पर 2.30 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल तथा 20 किलोमीटर से अधिक दूरी के लिए 2.50 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल की दर लागू होगी। वहीं आयशर (टाटा 407) वाहनों के लिए 1.30 रुपये प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल परिवहन शुल्क निर्धारित किया गया है। ये दरें पूरे सेब सीजन के दौरान निर्धारित शर्तों के अनुसार लागू रहेंगी।

प्रति किलोमीटर और प्रति क्विंटल के आधार पर लागू होंगी दरें

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित सभी परिवहन दरें प्रति किलोमीटर और प्रति क्विंटल के आधार पर लागू होंगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई ट्रक, मिनी ट्रक, पिक-अप ऑपरेटर या संबंधित यूनियन निर्धारित दरों से अधिक किराया वसूलती है तो उसके विरुद्ध प्रचलित नियमों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने परिवहन संचालकों से अधिसूचना का पालन सुनिश्चित करने तथा किसानों और बागवानों से निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान करने की अपील की है।

पारदर्शी परिवहन व्यवस्था पर प्रशासन का जोर

जिला प्रशासन का कहना है कि निर्धारित परिवहन दरों का उद्देश्य सेब उत्पादकों और परिवहन संचालकों के बीच एक समान व्यवस्था बनाए रखना है। इससे ढुलाई शुल्क को लेकर अनावश्यक विवाद की संभावना कम होगी और बागवानों को निर्धारित दरों के अनुसार परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। प्रशासन ने संबंधित विभागों को भी अधिसूचना के अनुपालन की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।

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