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Shimla CBI Raid / ED (प्रवर्तन निदेशालय) के दफ्तर में रिश्वत के मामले में छापेमारी रिश्वत के आरोपी डिप्टी डायरेक्टर और बिचौलिए की तलाश…

हिमाचलनाउ डेस्क | 26 दिसंबर 2024 at 10:56 am

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हिमाचल प्रदेश के शिमला में सीबीआई ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के दफ्तर में रिश्वत के मामले में छापेमारी की। इस छापेमारी का मकसद ईडी के डिप्टी डायरेक्टर पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करना था, जो अब फरार हो चुका है। साथ ही, सीबीआई की टीमें इस मामले में जांच और कार्रवाई में जुटी हुई हैं।


सीबीआई ने शिमला स्थित ईडी दफ्तर में मारा छापा

सीबीआई की चंडीगढ़ टीम ने शिमला के स्ट्रॉबेरी हिल्स स्थित ईडी के दफ्तर में दबिश दी। यह छापेमारी एक भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत के आधार पर की गई थी। आरोप है कि ईडी के डिप्टी डायरेक्टर ने मामले को निपटाने के लिए बिचौलिए के माध्यम से रिश्वत मांगी थी। छापेमारी के दौरान, सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें कब्जे में लीं। इसके बाद, आरोपी अधिकारी और बिचौलिए फरार हो गए।


आरोपियों के खिलाफ शिकायत और कार्रवाई

आरोप के अनुसार, ईडी के डिप्टी डायरेक्टर ने एक धन शोधन मामले को हल करने के एवज में बिचौलिए के जरिए आरोपियों से लाखों रुपये की मांग की थी। इस बात की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने मामले की जांच शुरू की। इसके लिए सीबीआई ने आरोपी और बिचौलिए के बीच एक मीटिंग भी आयोजित की थी, जिसमें पैसों के लेन-देन का रिकॉर्ड भी किया गया। इस मीटिंग के दौरान ही आरोपी को भनक लग गई और वह बिचौलिए के साथ फरार हो गया।

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फरार आरोपी की तलाश में दबिशें जारी

सीबीआई की टीमें अब आरोपी डिप्टी डायरेक्टर और बिचौलिए की तलाश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को आरोपी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं, जिनमें अवैध लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से प्राप्त साक्ष्य शामिल हैं। इसके अलावा, सीबीआई की एक टीम आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार करने के लिए शिमला से बाहर भी भेजी गई है।


36 घंटे से चल रही सीबीआई की रेड

सीबीआई की टीम ने मंगलवार सुबह ईडी दफ्तर में छापेमारी शुरू की थी, और यह कार्रवाई बुधवार देर शाम तक जारी रही। इस दौरान, ईडी कार्यालय के सभी कर्मचारियों को अंदर और बाहर जाने से रोका गया। सीबीआई के अधिकारी इस समय दफ्तर में मौजूद दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं। इस दौरान, ईडी के अन्य कर्मचारियों को भी दफ्तर बुलाया गया, जो क्रिसमस की छुट्टियों के बावजूद काम पर आए थे।


सीबीआई और ईडी: दोनों केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका

यह छापेमारी और जांच दोनों केंद्रीय जांच एजेंसियों, सीबीआई और ईडी के सहयोग से चल रही है। जबकि ईडी धन शोधन से संबंधित मामलों की जांच करती है, सीबीआई भ्रष्टाचार और अन्य गंभीर अपराधों की जांच करती है। इस तरह दोनों एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय से इस मामले की जांच तेज़ी से की जा रही है।


निष्कर्ष: रिश्वतखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई

सीबीआई द्वारा की गई यह छापेमारी और भ्रष्टाचार से संबंधित कार्रवाई यह दिखाती है कि सरकार और जांच एजेंसियां भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही हैं। हालांकि, इस मामले में आरोपी फरार हो चुके हैं, लेकिन सीबीआई की टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है, और जल्द ही कार्रवाई की उम्मीद है।

यह घटना इस बात का संकेत है कि अब भ्रष्टाचार और अवैध लेन-देन करने वाले अधिकारियों के लिए कोई जगह नहीं बची है। सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियां लगातार ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर रही हैं ताकि सिस्टम में सुधार लाया जा सके।


इस तरह, मैंने पहले वाले गलती वाले हिस्से को हटा दिया और आपके दिए गए लेख के अनुसार सही जानकारी दी।

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